भुवनेश्वर, 18 अगस्त (भाषा) ओडिशा सरकार ने मंगलवार को अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के उन छात्रों के लिए नई छात्रवृत्ति योजना शुरू की, जो शीर्ष विदेशी विश्वविद्यालयों से स्नातकोत्तर और पीएचडी की पढ़ाई करना चाहते हैं।
उच्च शिक्षा विभाग के एक बयान के अनुसार, ‘बिदेश शिक्षाबृत्ति’ नाम की यह योजना मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना के तहत शुरू की गई है। इसका उद्देश्य पात्र छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत एससी और एसटी समुदाय से आने वाले ऐसे छात्र आवेदन कर सकते हैं, जिनके परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये तक है।
बयान के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2025-26 और 2026-27 के लिए आवेदन 18 से 31 अगस्त तक ओडिशा राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं।
योजना के तहत हर साल विभिन्न विषयों और संकायों में 50 छात्रों को सहायता दी जाएगी। एक छात्र इस छात्रवृत्ति का लाभ केवल एक बार ले सकेगा, यानी वह या तो स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए या पीएचडी के लिए इसका लाभ उठा सकता है।
छात्रवृत्ति के तहत ट्यूशन फीस, रहने का खर्च और विदेश में पढ़ाई से जुड़े अन्य आकस्मिक खर्च शामिल होंगे। प्रत्येक छात्र को प्रति पाठ्यक्रम प्रति वर्ष अधिकतम 25 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए पाठ्यक्रम की अवधि के अनुसार एक या दो साल तक सहायता दी जाएगी, जबकि पीएचडी शोधार्थियों को दो साल तक सहायता मिलेगी। दिशानिर्देशों के अनुसार, दो साल से आगे छात्रवृत्ति की अवधि नहीं बढ़ाई जाएगी।
यह योजना उन छात्रों पर लागू होगी, जिन्हें दुनिया के शीर्ष 200 रैंक वाले विदेशी संस्थानों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश मिला हो।
आवेदकों को यह घोषणा भी करनी होगी कि आवेदन के समय वे किसी सरकारी संगठन में नियमित कर्मचारी नहीं हैं।
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राखी माधव
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