पुरी, 25 जून (भाषा) रुक्मिणी हरण एवं विवाह उत्सव अनुष्ठान के आयोजन के मद्देनजर ओडिशा के पुरी स्थित 12वीं शताब्दी का श्रीजगन्नाथ मंदिर बृहस्पतिवार को पांच घंटे के लिए बंद रहेगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने बताया कि दोपहर एक बजे से शाम छह बजे तक श्रद्धालु भगवान के दर्शन नहीं कर पाएंगे।
एसजेटीए की अधिसूचना के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि पर आयोजित होने वाले रुक्मिणी हरण एवं विवाह उत्सव अनुष्ठान के कारण प्रथम भोग मंडप अर्पण के बाद आम श्रद्धालुओं के दर्शन अस्थायी रूप से रोक दिए जाएंगे।
यह अनुष्ठान भगवान कृष्ण और देवी रुक्मिणी के विवाह की स्मृति में आयोजित किया जाता है, जिसका उल्लेख हिंदू धर्मग्रंथों में मिलता है।
मान्यता के अनुसार, कलियुग में भगवान जगन्नाथ की पूजा भगवान कृष्ण के रूप में की जाती है, जबकि देवी रुक्मिणी को देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान कृष्ण ने रुक्मिणी का हरण कर उनसे विवाह किया था और उनका विवाह शिशुपाल से होने से रोक दिया था।
अनुष्ठान के दौरान भगवान जगन्नाथ की उत्सव प्रतिमा मदन मोहन को रत्न सिंहासन पर विराजित करने के बाद गर्भगृह से बाहर लाया जाता है और उनका प्रतीकात्मक विवाह देवी लक्ष्मी की चल प्रतिमा श्रीदेवी के साथ कराया जाता है।
मंदिर परिसर में रुक्मिणी हरण और विवाह की पूरी कथा का मंचन किया जाता है तथा विवाह मंडप में विवाह संस्कार संपन्न कराया जाता है।
जगन्नाथ संस्कृति के शोधकर्ता भास्कर मिश्रा ने बताया कि मंदिर सेवायतों के शीर्ष संगठन छत्तीसा निजोग के प्रमुख पट्टजोशी महापात्र इस समारोह में ‘कन्यादान’ की रस्म निभाते हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इस अवसर पर मंदिर प्रशासन सामूहिक भोज का आयोजन करेगा और श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद वितरित करेगा। सेवायतों का एक संगठन भी मंदिर परिसर के बाहर भोग वितरण करेगा।
भाषा मनीषा वैभव
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