ग्रामीण महिलाओं को व्यावसायिक सहायता देने के लिए ओडिशा आजीविका मिशन और आईआईटी-भुवनेश्वर में समझौता

Ads

ग्रामीण महिलाओं को व्यावसायिक सहायता देने के लिए ओडिशा आजीविका मिशन और आईआईटी-भुवनेश्वर में समझौता

  •  
  • Publish Date - June 8, 2026 / 06:42 PM IST,
    Updated On - June 8, 2026 / 06:42 PM IST

भुवनेश्वर, आठ जून (भाषा) ओडिशा आजीविका मिशन (ओएलएम) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-भुवनेश्वर (आईआईटी-भुवनेश्वर) ने राज्य में ग्रामीण महिला उद्यमियों को व्यावसायिक सहायता प्रदान करने के लिए सोमवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने कहा कि इस सहयोग के तहत महिला उद्यमियों को व्यापार योजना, उत्पाद विकास, गुणवत्ता सुधार, बाजार से संपर्क, वित्तीय सहायता तक पहुंच और पेशेवर नेटवर्क बनाने में मदद मिलेगी। परिदा के पास महिला एवं बाल विकास और मिशन शक्ति विभागों का प्रभार भी है।

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्टार्ट-अप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम (एसवीईपी) के माध्यम से ओडिशा में विकासोन्मुख ग्रामीण उद्यमों को समर्थन देने के लिए एक उद्यम संवर्धन कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।

इस उद्यम संवर्धन प्रक्रिया के माध्यम से अगले तीन वर्ष में कम से कम 150 विकासोन्मुख ग्रामीण उद्यमों को सहायता दी जाएगी।

परिदा ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस कार्यक्रम के लिए 10.70 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी है। पहले चरण में इस पहल के कार्यान्वयन के लिए आईआईटी-भुवनेश्वर को 99 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इस उद्यम संवर्धन कार्यक्रम से राज्य में एक मजबूत उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होने की उम्मीद है और इससे स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के छोटे एवं मध्यम उद्यमों में बदलने का रास्ता खुलेगा।

समझौते के अनुसार, आईआईटी-भुवनेश्वर ओडिशा के चुनिंदा उत्पादों की अलग पहचान बनाने के लिए पेटेंट हासिल करने और प्रक्रिया प्रमाणन में भी सहायता करेगा।

भाषा

सिम्मी संतोष

संतोष