देहरादून, 14 जनवरी (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में भूमि संबंधी विवादों के समाधान के लिए व्यापक और सघन अभियान चलाने तथा एक माह के भीतर उनका प्रभावी निस्तारण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन एवं पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ को निर्देश दिया कि सभी जिलों में लंबित भूमि विवादों के समाधान के लिए व्यापक एवं सघन अभियान चलाया जाए तथा समस्त विवादित मामलों का निस्तारण एक माह की समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान के अंत तक भूमि विवादों से जुड़े लंबित मामलों को शून्य स्तर तक लाया जाए।
धामी ने कहा कि भूमि विवाद आम नागरिकों की समस्याओं से सीधे जुड़े होते हैं और इनके कारण कानून-व्यवस्था व सामाजिक सौहार्द पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है इसलिए सरकार की प्राथमिकता है कि ऐसे विवादों का त्वरित, पारदर्शी और न्यायसंगत समाधान हो।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान संवेदनशील मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को हर सप्ताह इस अभियान की प्रगति की समीक्षा करने को कहा ताकि तय समय-सीमा में लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित हो सके और समीक्षा के आधार पर आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम भी उठाए जा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत के हिसाब से तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया जाए, जिनमें संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी एवं चकबंदी विभाग के अधिकारियों को भी सदस्य के रूप में शामिल किया जाए ताकि प्रशासनिक, राजस्व एवं पुलिस समन्वय के माध्यम से विवादों का प्रभावी समाधान किया जा सके।
धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस विशेष अभियान से भूमि विवादों के शीघ्र निस्तारण के साथ-साथ आम जनता को राहत मिलेगी और शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।
भाषा दीप्ति जितेंद्र
जितेंद्र