नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि नीलांबुर-नंजनगुड नयी लाइन के लिए फील्ड सर्वेक्षण का काम पूरा हो चुका है, लेकिन परियोजनाओं को मंजूरी देना एक सतत प्रक्रिया है और इसलिए कोई सटीक समयसीमा तय नहीं की जा सकती।
वैष्णव ने इस संबंध में प्रिंयका द्वारा पूछे गए सवालों के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
प्रियंका ने अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में अंतर-राज्यीय रेल संपर्क में सुधार के सरकारी प्रस्तावों और प्रस्तावित नीलांबुर-नंजनगुड रेलवे लाइन की वस्तु स्थिति के संबंध में जानकारी देने की मांग की थी।
प्रस्तावित 236 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन केरल के नीलांबुर से शुरू होगी और वायनाड से गुजरते हुए कर्नाटक के नंजनगुड तक जाएगी।
रेल मंत्री ने कहा कि वायनाड जिला पहले से ही रेलवे नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और नीलांबुर रोड स्टेशन पर 16 ट्रेनें उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘कर्नाटक के साथ नीलांबुर रोड स्टेशन की कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए, नीलांबुर-नंजनगुड नयी लाइन का सर्वेक्षण 2007-08 में किया गया था, लेकिन कम यातायात अनुमान के कारण परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जा सका।’
वैष्णव ने कहा कि लोगों की मांग के कारण विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए नीलांबुर-नंजनगुड नयी लाइन परियोजना के वास्ते एक नया अंतिम स्थान सर्वेक्षण (एफएलएस) को मंजूरी दे दी गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘फील्ड सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। डीपीआर तैयार करने के बाद, परियोजना को मंजूरी देने के लिए राज्य सरकारों सहित विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श और आवश्यक अनुमोदन की आवश्यकता होती है। परियोजनाओं को मंजूरी देना एक सतत प्रक्रिया है, इसलिए सटीक समयसीमा तय नहीं की जा सकती है।’’
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