एक प्रधानमंत्री ने ‘जेन-जी’ को वोट का अधिकार दिया, दूसरे ने उसे छीनने की कोशिश की: कांग्रेस

Ads

एक प्रधानमंत्री ने ‘जेन-जी’ को वोट का अधिकार दिया, दूसरे ने उसे छीनने की कोशिश की: कांग्रेस

  •  
  • Publish Date - September 25, 2026 / 10:03 AM IST,
    Updated On - September 25, 2026 / 10:03 AM IST

नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने शुक्रवार को विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) के विषय को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने वर्ष 2024 के बाद से मतदाता सूचियों के एसएसआर को रोककर नयी पीढ़ी के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल होने की प्रक्रिया को प्रभावित किया है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और प्रधानमंत्री मोदी की तुलना करते हुए कहा, ‘‘एक प्रधानमंत्री ने जेन-जी को वोट का अधिकार दिया, दूसरे ने उसे छीनने की कोशिश की।’’

उन्होंने कहा कि एक प्रधानमंत्री ने दिसंबर, 1988 में संसद के शीतकालीन सत्र में संविधान के अनुच्छेद 326 में संशोधन करके मतदान की न्यूनतम आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी थी।

उनके मुताबिक, यह ऐसा कदम था जिसने युवाओं को सशक्त किया। संविधान (61वां संशोधन) अधिनियम, 1988 के तहत अनुच्छेद 326 में 21 वर्ष की जगह 18 वर्ष की आयु का प्रावधान किया गया था।

रमेश ने आरोप लगाया कि ‘‘एक अन्य प्रधानमंत्री’’ ने यह सुनिश्चित किया है कि 2024 के बाद से मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण नहीं हो, ताकि जेन-जी मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज न हो सके।

उन्होंने इसे युवाओं की आकांक्षाओं और उम्मीदों को निराश करने वाला कदम बताया।

भाषा हक संतोष

संतोष