उज्जैन, सात जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश के उज्जैन में एक ‘सीवरेज चैंबर’ में जहरीली गैस की चपेट में आने से मंगलवार सुबह एक सफाईकर्मी की मौत हो गई, जबकि उसे बचाने के प्रयास में नीचे उतरे दो अन्य कर्मचारी बेहोश हो गए। दोनों का अस्पताल में उपचार जारी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
जीवाजीगंज थाना प्रभारी प्रतीक शर्मा ने बताया कि यह घटना शहर के पिपलीनाका और वीर सावरकर चौराहे के बीच हुई।
उन्होंने बताया कि रतलाम निवासी अशोक जाम सीवर लाइन की सफाई के लिए चैंबर में उतर रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गया। उसे बचाने के लिए सलाखेड़ी (आलोट) निवासी गोपाल चैंबर में उतरा। इसके बाद भेरूगढ़ निवासी रमेश भी नीचे गया, लेकिन तीनों जहरीली गैस की चपेट में आने से बेहोश हो गए।
थाना प्रभारी ने बताया कि पर्यवेक्षक चंद्रकांत शुक्ला ने घटना की सूचना दी।
उन्होंने बताया कि उसी दौरान वहां से गुजर रहे पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने वाहन रुकवाकर तत्काल बचाव अभियान शुरू कराया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया, ‘‘मैंने वाहन से उतरकर भीड़ हटाई। रस्सी के सहारे नीचे उतरे एक कर्मचारी को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल भेजा गया।’’
उन्होंने बताया कि यातायात पुलिस को मार्ग पर यातायात सुचारू रखने के निर्देश दिए गए। जीवाजीगंज थाना पुलिस, नगर निगम के कर्मचारियों, क्षेत्रीय पार्षद और अन्य लोगों की मदद से शेष दोनों कर्मचारियों को भी बाहर निकाला गया।
पुलिस ने बताया कि उपचार के दौरान अशोक की मौत हो गई।
थाना प्रभारी प्रतीक शर्मा ने बताया कि बेहोश हुए दोनों कर्मचारियों गोपाल और रमेश के बयान अभी दर्ज नहीं हो सके हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित निजी कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
नगर निगम द्वारा जारी बयान में कहा गया कि सीवरेज का कार्य एक निजी कंपनी द्वारा कराया जा रहा था।
बयान के अनुसार, ‘सीवर/सेप्टिक टैंक सफाईकर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013’ के प्रावधानों के तहत मृतक कर्मचारी अशोक के परिजनों को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
भाषा
सं, दिमो रवि कांत