जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला केवल मोदी और शाह ले सकते हैं: उमर

जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला केवल मोदी और शाह ले सकते हैं: उमर

जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला केवल मोदी और शाह ले सकते हैं: उमर
Modified Date: July 27, 2026 / 08:12 pm IST
Published Date: July 27, 2026 8:12 pm IST

श्रीनगर, 27 जुलाई (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ही ले सकते हैं।

अब्दुल्ला ने अनंतनाग जिले में पत्रकारों से कहा, “राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला केवल दो लोग ही ले सकते हैं, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री। इसी वजह से हमने दिल्ली में राज्य के दर्जे की बहाली के लिए प्रदर्शन किया था।”

विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने एक बयान में कहा था कि जम्मू-कश्मीर में न तो राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा और न ही अनुच्छेद 370 को वापस लाया जाएगा, जिस पर मुख्यमंत्री ने यह प्रतिक्रिया दी।

उमर ने कहा, “वह (सुनील शर्मा) हर दिन 10 बयान देते हैं। मेरे पास इतना खाली समय नहीं है। मुझे नहीं लगता कि वे (मोदी और शाह) इन मुद्दों पर उनसे सलाह लेंगे।”

उन्होंने यह भी कहा कि शर्मा एक दिन नींद से उठेंगे और अखबारों में पढ़ेंगे कि राज्य का दर्जा बहाल कर दिया गया है।

उमर ने उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और वन मंत्री जावेद राणा के साथ अनंतनाग में हलमुल्ला क्रिकेट बैट निर्माण केंद्र का दौरा किया और बैट निर्माता संघ के सदस्यों से मुलाकात की।

उन्होंने कहा, “उनकी (बैट निर्माता संघ की) तीन मुख्य मांगें थीं और हमने तीनों के लिए समाधान तलाशने का आश्वासन दिया है। उनकी सबसे बड़ी मांग कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है, जो इस समय मुश्किल से हो पा रही है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि वुलर झील के आसपास बड़ी संख्या में विलो के पेड़ काटे गए हैं लेकिन उच्च न्यायालय के आदेश के कारण वहां नए पौधे लगाने की अनुमति नहीं है।

उन्होंने कहा कि बैट निर्माण इकाइयों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना एक अन्य प्रमुख मांग है।

भाषा जितेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल


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