नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की दुर्लभ फुटेज और तस्वीरों वाला एक वृत्तचित्र जारी किया जिसमें युद्ध कक्ष में बनाई गई योजना, सटीक हमलों और लड़ाकू विमानों की तैनाती के दृश्य दिखाए गए।
यह वृत्तचित्र पाकिस्तान के आतंकवादी ढांचे के खिलाफ भारत की निर्णायक सैन्य कार्रवाई का एक साल पूरा होने पर जारी किया गया।
इस वृत्तचित्र में पाकिस्तान के एक प्रमुख सैन्य अड्डे पर क्षतिग्रस्त हुए ‘रडार हेड’ की ऊपर से ली गई तस्वीर दिखाई गई है। सूत्रों ने बताया कि भारतीय बलों के बहु-क्षेत्रीय सैन्य अभियान के दौरान पाकिस्तान को यह नुकसान हुआ था।
सूत्रों ने कहा कि सशस्त्र बलों ने यह फुटेज पहली बार सार्वजनिक की है।
फिल्म में ‘रडार हेड’ की हमले से पहले और बाद की तस्वीरें श्वेत-श्याम फुटेज के साथ दिखाई गई हैं।
सूत्रों ने बताया कि करीब चार दिन तक जारी रहे सैन्य टकराव के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली एस-400 प्रणाली की तैनाती के कुछ दृश्य भी 28 मिनट के इस वृत्तचित्र का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि ये दृश्य भी पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस-400 और आकाश हथियार प्रणालियों तथा ब्रह्मोस एवं अन्य मिसाइलों ने भारतीय वायु क्षेत्र की सुरक्षा करने और दुश्मन को करारा झटका देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इससे भारतीय लड़ाकू विमानों को भी अपनी भूमिका निभाने में मदद मिली।
वृत्तचित्र में शत्रु पर ‘‘नजर रखने’’ में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की अहम भूमिका को भी रेखांकित किया गया है। हालांकि इस बारे में विस्तार से नहीं बताया गया।
यह फिल्म जयपुर में संयुक्त कमांडर सम्मेलन में जारी की गई, जहां शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने ऑपरेशन सिंदूर के महत्व और भारत के रक्षा सिद्धांत में इसके व्यापक महत्व को रेखांकित किया।
यह फिल्म मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ के यूट्यूब खाते पर उपलब्ध है।
भारतीय सेना ने बृहस्पतिवार को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा था कि नियंत्रण रेखा के पार कोई भी आतंकी ठिकाना सुरक्षित नहीं है और भारत अपनी इच्छानुसार समय और तरीके से हर आतंकी ढांचे को निशाना बनाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर का एक वर्ष पूरा होने पर भारतीय वायुसेना, नौसेना और थलसेना के सैन्य अभियानों के प्रमुखों ने जयपुर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ऑपरेशन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। इस अभियान को सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को दंडित करने के वास्ते पिछली आधी सदी में भारत का सबसे व्यापक सैन्य अभियान बताया गया।
भाषा सिम्मी नेत्रपाल
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