Nida Khan Aimim Connection Nashik/Photo Credit: Social Media
Nida Khan Aimim Connection Nashik: महाराष्ट्र के नासिक में धर्म परिवर्तन मामले में फरार मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने उनकी मदद करने वाले AIMIM पार्टी के पार्षद अब्दुल मतीन पटेल पर भी शिकंजा कसा है। इस मामले में सामने आए राजनीतिक कनेक्शन ने महाराष्ट्र में भूचाल ला दिया है। पार्षद पर आरोप है कि नारेगाव के कौसर पार्क एरिया मे छुपने के लिए जगह दी थी। फ़िलहाल पुलिस ने पार्षद को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। मामले में और भी कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
बताया जा रहा है कि मतीन पटेल ने दो महीने पहले ही यह नया घर खरीदा था जिसमें फरार निदा खान (Nida Khan Aimim Connection Nashik) को पनाह दिया था। इस मामले में 25 दिनों से पुलिस को चकमा दे रही निदा खान को आज पुलिस ने छत्रपति संभाजी नगर जिले के नारेगांव इलाके से गिरफ्तार किया था। दोनों की गिरफ्तारी के बाद अब और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
आपको बता दें कि इससे पहले 27 अप्रैल को निदा खान (Nida Khan Aimim Connection Nashik) की अग्रिम जमानत अर्जी पर नासिक कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने जोरदार बहस की थी। सरकारी वकीलों ने चौंकाने वाले सबूत रखे कि कैसे निदा खान ने पीड़ित लड़की को दूसरे धर्म के तौर तरीके सिखाकर धर्म बदलने की साजिश रची थी।
मामले में पीड़िता ने 26 मार्च को एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें निदा खान, दानिश शेख और तौसिफ अत्तार को आरोपी बनाया था। शिकायत में धर्म परिवर्तन के प्रयास, धार्मिक भावनाएं आहत करने, दो समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने के आरोप लगाए गए थे।
एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने अगले ही दिन 27 मार्च को दानिश शेख और तौसिफ अत्तार को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि निदा खान (Nida Khan Aimim Connection Nashik) फरार हो गई थी। जिसकी नासिक पुलिस की एसआईटी लगातार तलाश कर रही थी। पुलिस ने नासिक स्थित उसके घर, भिवंडी में ससुराल, मुंबई के भेंडी बाजार में रिश्तेदारों के ठिकानों, मुंब्रा स्थित पति के घर समेत कई जगहों पर छापेमारी की।
इस बीच निदा खान ने 17 अप्रैल को नासिक रोड कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दाखिल किया। 20 अप्रैल और 27 अप्रैल को इस मामले की बंद कमरे में सुनवाई हुई। आखिरकार 2 मई को अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश और तेज कर दी। पुलिस को 7 मई को सूचना मिली कि निदा खान छत्रपति संभाजी नगर के कैसर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में अपनी मौसी और अन्य रिश्तेदारों के साथ छिपी हुई है। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
सरकारी पक्ष के वकीलों ने अदालत को बताया था कि निदा खान और अन्य आरोपियों ने टीसीएस के अंदर जूनियर कर्मचारियों को धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया था। इसके लिए उन्हें बुर्का उपलब्ध कराया गया और इस्लाम से जुड़ी एक धार्मिक किताब भी दी गई थी।
बताया गया कि निदा खान पीड़िता को अपने घर ले जाती थी, जहां उन्हें नमाज़ पढ़ने के तरीके, हिजाब और बुर्का पहनने की ट्रेनिंग दी जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि धर्म परिवर्तन के बाद पीड़ितों का नाम बदलने की योजना थी। पुलिस जांच के दौरान पीड़ितों के मोबाइल फोन से कई इस्लामिक रील्स, यूट्यूब लिंक और इंस्टाग्राम पोस्ट भी बरामद हुए है।
प्रकरण की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई थी, एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने नासिक पुलिस से शिकायत की थी, कि निजी कंपनी में कार्यरत हिंदू महिला रमजान के दौरान रोजे रख रही है। जांच के तहत पुलिस ने महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग कर्मचारी बनाकर कंपनी में भेजा, इन अधिकारियों ने कंपनी के भीतर की गतिविधियों की निगरानी की और कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने सात पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार कर लिया, जबकि निदा खान नाम की एक आरोपी फरार थी।
वही आज पुलिस ने फरार आरोपी निदा खान और उसे छुपने में मदद करने वाले AIMIM पार्टी के पार्षद अब्दुल मतीन पटेल को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद अब और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।