संसद में विपक्ष का हंगामा जारी, दोनों सदन एक-एक विधेयक पारित करने के बाद दिन भर के लिए स्थगित

संसद में विपक्ष का हंगामा जारी, दोनों सदन एक-एक विधेयक पारित करने के बाद दिन भर के लिए स्थगित

संसद में विपक्ष का हंगामा जारी, दोनों सदन एक-एक विधेयक पारित करने के बाद दिन भर के लिए स्थगित
Modified Date: August 3, 2026 / 06:03 pm IST
Published Date: August 3, 2026 6:03 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) संसद में सोमवार को भी विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों को लेकर हंगामा किया जिससे दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई। हालांकि हंगामे के बीच ही दोनों सदनों ने एक-एक विधेयक को मंजूरी दी।

विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा ने उच्चतम न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश समेत न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने के प्रावधान वाला विधेयक बिना चर्चा के पारित कर दिया। सदन में विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच ही भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 और बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 भी पेश किए।

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता का उल्लेख किया और उन्हें बधाई दी।

इसके बाद उन्होंने प्रश्नकाल शुरू कराया लेकिन विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे।

बिरला ने हंगामा कर रहे सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘मुझे लगता है कि आप नियोजित तरीके से सदन नहीं चलाना चाहते। प्रश्नकाल महत्वपूर्ण होता है। कृपया प्रश्नकाल चलने दें।’’

शोर-शराबा जारी रहने पर अध्यक्ष ने बैठक दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही।

हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 पेश किए।

सदन में हंगामा नहीं थमने पर पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कुछ मिनट बाद ही कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

दो बजे बैठक शुरू हुई तो कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया।

इस दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्य राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर नारेबाजी कर रहे थे।

पीठासीन सभापति तेन्नेटी ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपनी सीटों पर बैठने का आग्रह करते हुए उनसे विधेयक पर चर्चा में भाग लेने को कहा, लेकिन सदन में हंगामा नहीं थमा।

सदन ने विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच ही ध्वनिमत से बिना चर्चा के विधेयक को पारित कर दिया।

इसके बाद हंगामा नहीं थमने पर तेन्नेटी ने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

उधर राज्यसभा में भी विपक्षी सदस्यों ने इन मुद्दों को लेकर हंगामा किया।

पूर्वाह्न 11 बजे बैठक शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने ग्लासगो में संपन्न राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता का उल्लेख किया और उन्हें बधाई दी।

इसके बाद सदन में शून्यकाल शुरू हुआ लेकिन विपक्षी सदस्य पिछले महीने दिल्ली तथा अन्य राज्यों में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब देने की मांग करते हुए हंगामा करने लगे

कुछ सदस्यों ने तख्तियां दिखाईं जिस पर आपत्ति जताते हुए सभापति ने कहा कि सदन में तख्तियां नहीं दिखाई जा सकतीं।

सभापति ने शून्यकाल चलाने का प्रयास कराया और हंगामे के बीच ही भारतीय जनता पार्टी की दर्शना सिंह, अलका गुर्जर और मनोनीत सदस्य उज्ज्वल निकम ने लोक महत्व से जुड़े अपने-अपने मुद्दे उठाए।

हंगामा जारी रहने पर सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।

एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे जब बैठक पुन: शुरु हुई तो उपसभापति हरिवंश ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक पर चर्चा शुरू करने के लिए कहा। यह विधेयक 28 जुलाई को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास मंत्री जीतन राम मांझी ने सदन में पेश किया था।

इसी बीच विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया।

उपसभापति ने सदस्यों से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक पर चर्चा करने के लिए कहा। उन्होंने सदन में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से अपनी बात रखने के लिए कहा। खरगे ने अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का मुद्दा उठाना चाहा। लेकिन उपसभापति ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी ।

इसके बाद उपसभापति ने कांग्रेस के अजय माकन से अपनी बात रखने के लिए कहा। हरिवंश ने उनसे कहा कि वह विधेयक पर ही बोलें।

हरिवंश ने उनसे पुन: कहा कि वह विधेयक पर ही बोलें। माकन ने कहा ‘‘एमएसएमई रोजगार देने वाला क्षेत्र है और रोजगार की मांग करने वाले युवाओं के साथ क्या हुआ, यह सबने पिछले सप्ताह देखा है।’’

माकन ने कहा कि देश में कारपोरेट जगत को पूरी छूट दी जाती है लेकिन एमएसएमई के लिए यह बात नहीं है।

सदन में मौजूद संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि आसन की ओर से बार-बार विधेयक पर बोलने के लिए कहा गया लेकिन विपक्षी सदस्य विषय को भटकाते हैं।

इसके बाद हरिवंश ने भाजपा की सुमित्रा वाल्मीक को विधेयक पर बोलने के लिए कहा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से लाए गए इस विधेयक पर चर्चा में सुमित्रा ने और उनके बाद अन्य सदस्यों ने हिस्सा लिया और मंत्री जीतन राम मांझी ने चर्चा का जवाब दिया।

मंत्री के जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी दे दी। सदन ने विधेयक पर विपक्ष द्वारा लाये गये संशोधनों को ध्वनिमत से खारिज कर दिया।

इस दौरान विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते रहे।

सदन में व्यवस्था बनते न देख उपसभापति हरिवंश ने करीब साढ़े तीन बजे बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।

भाषा अविनाश वैभव मनीषा अविनाश माधव

माधव


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