नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) से संबंधित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में शामिल विपक्षी सदस्यों ने आगामी 12 अक्टूबर प्रस्तावित बैठक को कम से कम चार सप्ताह के लिए स्थगित करने की मांग की है ताकि उन्हें विधेयक तथा इससे संबंधित दस्तावेजों का अध्ययन करने का समय मिल सके।
इन सदस्यों ने समिति अध्यक्ष एवं भाजपा सांसद संजय जायसवाल को पत्र लिखकर बैठक स्थगित करने के साथ-साथ जनता और संबंधित हितधारकों से सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त करने के लिए न्यूनतम चार सप्ताह का समय देने का आग्रह भी किया है।
जायसवाल को लिखे गए पत्र पर द्रमुक के पी विल्सन, समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान, जियाउर्रहमान बर्क, कांग्रेस के हमदुल्ला सईद, किस्टोफर तिलक और कुछ अन्य सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं।
पत्र में कहा गया है कि प्रस्तावित विधेयक का महत्व और इसके व्यापक असर को देखते हुए समिति के सदस्यों को विधेयक तथा इससे संबंधित दस्तावेजों का गहन अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय मिलना आवश्यक है।
इन सदस्यों का कहना है कि पर्याप्त समय मिलने से विधेयक के प्रावधानों का समुचित और व्यापक अध्ययन किया जा सकेगा।
सांसदों ने यह भी मांग की है कि एफसीआरए से संबंधित प्रस्तावों पर आम जनता, संगठनों, विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से टिप्पणियां, सुझाव एवं अभ्यावेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया कम-से-कम चार सप्ताह तक जारी रखी जाए।
पत्र में कहा गया है कि इससे संबंधित पक्षों को विधेयक के प्रावधानों का अध्ययन कर अपने विचार प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर मिलेगा।
सांसदों ने जेपीसी अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि 12 अक्टूबर को निर्धारित बैठक को कम-से-कम एक माह के लिए स्थगित किया जाए और सार्वजनिक परामर्श के लिए न्यूनतम चार सप्ताह की अवधि उपलब्ध कराई जाए, ताकि एफसीआरए संबंधी विधेयक की व्यापक एवं समुचित समीक्षा की जा सके।
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