राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने उठाया राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा, मांगा अमित शाह से जवाब
राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने उठाया राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा, मांगा अमित शाह से जवाब
नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) राज्यसभा में सोमवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों का मुद्दा उठाते हुए सरकार और भाजपा को घेरा।
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, वाम दलों और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के अन्य दलों के कई सदस्यों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की।
सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने और कार्यसूची के अनुसार दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के तुरंत बाद विपक्षी सदस्यों ने ‘राम मंदिर चढ़ावा चोरी’ का मुद्दा उठाया।
विपक्षी सदस्यों ने नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर जवाब देने के लिए गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी की मांग भी की।
मानसून सत्र शुरू होने के बाद से ही राज्यसभा में बार-बार कार्यवाही बाधित हो रही है। विपक्षी दलों ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर अपना हमला तेज कर दिया है। विपक्षी सदस्य इस मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग कर रहे हैं।
इस बीच, द्रमुक के सदस्य भी अपने हाथों में तख्तियां लेकर कावेरी जल विवाद से जुड़े अपने दावे के समर्थन में सदन में खड़े हो गए।
विपक्षी सदस्यों ने राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन से विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी बात रखने की अनुमति देने का आग्रह किया। सभापति ने सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने को कहा और आश्वासन दिया कि इसके बाद वह विपक्ष के नेता को बोलने का अवसर देंगे।
सदस्य अपनी सीटों पर लौट गए, लेकिन नारेबाजी जारी रही, जिसके बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही 11 बज कर करीब 20 मिनट पर दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
दोपहर दो बजे जब बैठक फिर शुरू हुई तो सदन में वहीं नजारा देखने को मिला। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच ही सदन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र से जुड़े एक विधेयक को संक्षिप्त चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित किया गया। इसके बाद सदन की बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी।
भाषा मनीषा माधव
माधव

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