भारत-अमेरिका व्यापार समझौता और महारानी अहिल्याबाई की मूर्ति के मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष का हंगामा

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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता और महारानी अहिल्याबाई की मूर्ति के मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष का हंगामा

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  • Publish Date - February 3, 2026 / 12:32 PM IST,
    Updated On - February 3, 2026 / 12:32 PM IST

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) भारत-अमेरिका व्यापार समझौते तथा वाराणसी में महारानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति कथित तौर पर तोड़े जाने के मुद्दे को लेकर विपक्ष के सदस्यों ने मंगलवार को लोकसभा में हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

कांग्रेस और कुछ अन्य दलों के सदस्यों ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर महारानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति कथित तौर पर तोड़े जाने का विषय उठाया और ‘अहिल्याबाई का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।

सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे शुरू हुई तो विपक्षी सदस्य नारे लगाने लगे। सपा सदस्य हाथों में तख्तियां लिए हुए थे और नारेबाजी करते हुए आसन के समीप पहुंच गए।

पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने सपा सदस्यों से कहा कि वे सदन में तख्तियां नहीं दिखाएं।

सदन में शोर-शराबे के बीच ही उन्होंने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए।

हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने सभा की बैठक 12 बजकर 12 मिनट पर अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले, मंगलवार सुबह बैठक शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पूर्व सांसद सुरुपसिंह हिरिया नाइक के निधन की सूचना दी और सदस्यों ने कुछ पल मौन रखकर दिवंगत पूर्व सदस्य को श्रद्धांजलि दी।

इसके बाद अध्यक्ष ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू कराया, कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसद नारेबाजी करते हुए आसन के समीप आ गए। वे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का मुद्दा उठाते हुए सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे।

शोर-शराबे के बीच ही गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक सदस्य के पूरक प्रश्न का उत्तर दिया।

बिरला ने विपक्षी सदस्यों से कार्यवाही चलने देने की अपील करते हुए कहा, ‘‘प्रश्नकाल में नियोजित तरीके से आसन के पास आकर नारेबाजी करने का कोई औचित्य है क्या? यह सदस्यों का समय होता है। इसमें सांसद प्रश्न उठाते हैं, सरकार की जवाबदेही तय होती है।’’

उन्होंने कहा कि सदन में राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बजट पर चर्चा होनी है और इसमें सभी सदस्यों को उनकी बात रखने का पर्याप्त मौका मिलेगा।

हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने कुछ मिनट बाद कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

भाषा हक हक वैभव

वैभव