नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) राज्यसभा में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के एक सदस्य ने भारतीय प्रशासनिक सेवा की तर्ज पर अखिल भारतीय शिक्षा सेवा की स्थापना की मांग करते हुए कहा कि ऐसा करने पर अधिकारियों का एक बेहतरीन कैडर विकसित होगा जो शिक्षा को नयी ऊंचाईयों तक ले जाएगा।
शून्यकाल में भाजपा के गोविंदभाई लालजीभाई धोलकिया ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवाओं के जरिये योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाता है जो देश के विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि इसी तरह अखिल भारतीय शिक्षा सेवा की स्थापना की जानी चाहिए ताकि अधिकारियों का एक कुशल और बेहतरीन कैडर विकसित हो जो शिक्षा को नयी ऊंचाइयों तक ले जाने में सक्षम होगा। ‘‘व्यक्ति और देश दोनों के विकास के लिए शिक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण है और इस ओर बहुत ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
धोलकिया ने कहा कि हमारी नयी राष्ट्रीय नीति को और मजबूती देने के लिए शिक्षा व्यवस्था को संगठित, नवाचार युक्त, एक अखिल भारतीय ढांचे में ढाला जाना आवश्यक है। ‘‘यह कदम कई मायनों में उपयोगी होगा और 2047 तक विकसित भारत बनाने में मददगार होगा। ’’
इसी पार्टी के ब्रजलाल ने कहा कि औपनिवेशिक काल में शुरू हुई मैकाले की शिक्षा पद्धति आजादी के बाद भी जारी रही और इसने ऐसे गहरे घाव दिए हैं जिनका लंबे समय तक भरना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि दुख इस बात का है कि पिछली सरकारों ने भी इसे नहीं हटाया।
ब्रजलाल ने कहा कि भारत एक युवा देश है और नया बजट युवाओं के विकास पर जोर देता है। प्रधानमंत्री स्वयं युवाओं को महत्व देते हैं। यही वजह है कि व्यवसायिक प्रशिक्षण को हाशिये से निकाल कर केंद्र में डाली गई है।
उन्होंने मांग की कि व्यावसायिक शिक्षा एक सम्मानजनक विकल्प होना चाहिए और इस दिशा में गहन मंथन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘कौशल विकास इसी का ही एक रूप है ताकि हमारे युवा 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित देश बनाने के लिए योगदान देंगे।’’
भाषा
मनीषा माधव
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