महिला आरक्षण का समर्थन,लेकिन परिसीमन विधेयक का विरोध करेंगे: विपक्ष

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महिला आरक्षण का समर्थन,लेकिन परिसीमन विधेयक का विरोध करेंगे: विपक्ष

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  • Publish Date - April 15, 2026 / 05:11 PM IST,
    Updated On - April 15, 2026 / 05:11 PM IST

नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (भाषा) विपक्षी दलों ने बुधवार को कहा कि वे महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन परिसीमन विधेयक का एकजुट होकर विरोध करेंगे।

विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर साझा रणनीति को लेकर चर्चा की।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यह बैठक अपने आवास ’10 राजाजी मार्ग’ पर अपराह्न तीन बजे बुलाई थी।

बैठक में खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल और जयराम रमेश, द्रमुक नेता टी. आर. बालू, तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (उबाठा) के संजय राउत एवं अरविंद सावंत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले, आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह सहित अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए।

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने डिजिटल माध्यम से बैठक में भाग लिया।

बैठक के बाद खरगे ने संवाददाताओं से कहा, ‘हम सभी महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं, लेकिन यह जिस तरह से लाया गया है, उसको लेकर आपत्ति है।

उन्होंने कहा, ‘हमने फैसला किया है कि हम इस विधेयक (परिसीमन) का विरोध करेंगे।

जयराम रमेश ने कहा कि विपक्षी दल चाहते हैं कि 2029 से महिला आरक्षण लागू हो, लेकिन वे परिसीमन के प्रावधानों का पूरी तरह विरोध करेंगे।

विपक्ष की बैठक से पहले, कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने इन विधेयकों को लेकर अलग से चर्चा की।

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को मूर्त रूप देने के लिए बृहस्पतिवार को एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा, जिसमें संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है।

इसके साथ ही, सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए भी एक विधेयक तथा इनसे संबंधित केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 लाने की तैयारी में है।

भाषा हक माधव मनीषा

मनीषा