राजनीतिक हथियार के तौर पर छात्रों के प्रदर्शन का इस्तेमाल कर रहा विपक्ष: राजनाथ सिंह
राजनीतिक हथियार के तौर पर छात्रों के प्रदर्शन का इस्तेमाल कर रहा विपक्ष: राजनाथ सिंह
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर बुधवार को गंभीर चिंता जताई और विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे इसे अपने राजनीतिक हितों को पूरा करने के लिए एक ‘‘राजनीतिक हथियार’’ के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।
सिंह ने विपक्ष से आग्रह किया कि वे सड़कों के बजाय संसद में मुद्दे उठाएं।
उनके ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शन को 30 दिन से अधिक समय हो गया और आंदोलन में और भी समर्थक शामिल हो रहे हैं।
इसके अलावा, कई विपक्षी दलों के नेताओं ने काले कपड़े पहनकर बुधवार को संसद के बाहर प्रदर्शन किया और नीट पेपर लीक मामले का विरोध कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता दिखाई।
सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग हमारे देश के छात्रों और युवाओं का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों को पूरा करने के लिए एक राजनीतिक हथियार के तौर पर करने की कोशिश कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार छात्रों की आकांक्षाओं को पूरा करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि उनके साथ कोई अन्याय न हो।
उन्होंने कहा, ‘‘अपने छात्रों की हर चिंता को सुनना और उसका समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है। मुझे पूरा भरोसा है कि भारत के जागरुक, परिपक्व और समझदार युवा ऐसी भ्रामक कोशिशों को अच्छी तरह समझते हैं और वे प्रगति, विकास और राष्ट्र-निर्माण का रास्ता चुनेंगे।’’
रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी नेता लोगों, खासकर युवाओं को भ्रमित और गुमराह करने के लिए ‘‘बनावटी गुस्सा’’ दिखा रहे हैं।
सिंह ने कहा, ‘‘हम युवाओं की भावनाओं और चिंताओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील हैं। संसद का सत्र चल रहा है और सरकार ने हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करने की अपनी इच्छा भी जाहिर की है।’’
उन्होंने विपक्ष पर मुद्दों को संसद में नहीं बल्कि सड़कों पर सुलझाने की ‘‘अनुचित कोशिश’’ करने का भी आरोप लगाया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया और नीट पेपर लीक मामले का विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के इस्तीफे की मांग की।
राहुल गांधी के अलावा, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं को बाद में पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
रक्षा मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में चर्चा के लिए संसद ही सही मंच है और अगर विपक्ष जनहित के मुद्दों को उठाने को लेकर गंभीर है, तो उसे मानसून सत्र को सुचारू रूप से चलने देना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में संसद भवन मुद्दों पर चर्चा की जगह है, जहां विपक्ष अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र है। इसलिए, अगर विपक्ष गंभीर है, तो उसे मानसून सत्र के कामकाज में बाधा नहीं डालनी चाहिए और सभी मुद्दों पर देश का ध्यान संसद के भीतर आकर्षित करना चाहिए।’’
भाषा वैभव नरेश
नरेश

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