खरगे को बोलने की अनुमति न मिलने पर राज्यसभा से विपक्ष ने किया बहिर्गमन

खरगे को बोलने की अनुमति न मिलने पर राज्यसभा से विपक्ष ने किया बहिर्गमन

खरगे को बोलने की अनुमति न मिलने पर राज्यसभा से विपक्ष ने किया बहिर्गमन
Modified Date: February 9, 2026 / 01:41 pm IST
Published Date: February 9, 2026 1:41 pm IST

नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) राज्यसभा में सोमवार को नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने की अनुमति न मिलने के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया।

उच्च सदन में जब शून्यकाल समाप्त हुआ और प्रश्नकाल शुरू हुआ तब कांग्रेस सदस्य खरगे ने अपनी बात रखनी चाहती। आसन से स्वीकृति मिलने पर खरगे ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा, इन दोनों सदनों को मिला कर संसद बनती है और संविधान का पालन सबको करना होता है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने की अनुमति नहीं दी गई।

सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने लोकसभा से संबंधित इस मुद्दे को उच्च सदन में उठाने की अनुमति नहीं दी और कहा कि “वह (खरगे) जो कुछ भी कहेंगे, वह रिकॉर्ड में नहीं जाएगा।”

इससे पहले खरगे ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल द्वारा पिछले सप्ताह संसद सत्र के दौरान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सदन के बाहर बयान देने का मुद्दा भी उठाया था।

जब सभापति ने खरगे को बोलने की अनुमति नहीं दी, ब विपक्ष के सभी सदस्य खड़े होकर विरोध जताने लगे। सभापति ने प्रश्नकाल की कार्यवाही आगे बढ़ाई, तो विपक्षी सदस्यों ने अपना विरोध जारी रखा और बाद में सदन से बहिर्गमन कर दिया।

इससे पहले, शून्यकाल शुरू होने पर द्रमुक सदस्य तिरुचि शिवा ने कहा कि उन्होंने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है क्योंकि संसद का सत्र चल रहा है और पीयूष गोयल ने भारत अमेरिका व्यापार समझौते पर सदन के बाहर बयान दिया था।

सभापति ने कहा कि वह इस बारे में व्यवस्था दे चुके हैं।

इसके बाद सदन में शून्यकाल सामान्य तरीके से चला।

भाषा मनीषा माधव

माधव


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