जयपुर, 16 अप्रैल (भाषा) राजस्थान में पारंपरिक चारागाहों और वन क्षेत्रों (ओरण) के संरक्षण की मांग को लेकर 21 जनवरी को जैसलमेर के तनोट माता मंदिर से शुरू की गई ‘ओरण बचाओ पदयात्रा’ बृहस्पतिवार को जयपुर पहुंची।
हालांकि, राज्य पुलिस ने पदयात्रा में शामिल लोगों को सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन इलाके से मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने से रोक दिया, जिसे लेकर दोनों पक्षों में हल्की झड़प हुई।
‘ओरण बचाओ पदयात्रा’ में पूरे राजस्थान से हजारों की संख्या में लोग हिस्सा ले रहे हैं। इसमें शामिल बाड़मेर जिले के निर्दलीय विधायक रवींद्र सिंह भाटी ने पदयात्रा को रोके जाने को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा।
भाटी ने कहा कि वर्तमान में ओरण भूमि का बड़ा हिस्सा राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है, जिससे अतिक्रमण की घटनाएं बढ़ रही हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों में किसानों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार से सभी ओरण भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने की मांग की।
भाटी ने आरोप लगाया कि बड़ी कंपनियों की ओर से ओरण भूमि पर अतिक्रमण से जुड़े मामलों पर भी सरकार गंभीर नहीं दिख रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने खेजड़ी पेड़ों के संरक्षण के लिए विधानसभा में विधेयक लाने का वादा किया था, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं किया है।
भीषण गर्मी में पदयात्रा निकाल रहे लोगों ने कहा कि वे ओरण, गोचर भूमि, खेजड़ी पेड़, नदियों, नालों और तालाबों के संरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
पदयात्रा के दौरान ‘जय-जय जैसाण’ के नारे के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
पदयात्रियों ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
भाषा
बाकोलिया पारुल
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