आग की घटना के लिए बीमा कंपनी को दिया गया 2.24 करोड़ रुपये के भुगतान का आदेश रद्द
आग की घटना के लिए बीमा कंपनी को दिया गया 2.24 करोड़ रुपये के भुगतान का आदेश रद्द
नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) का एक आदेश रद्द कर दिया, जिसमें 2009 में आग लगने की एक घटना के बाद एक बीमा कंपनी को एक कंपनी को 2.4 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था।
शीर्ष अदालत ने मामले में बीमा पॉलिसी की दो शर्तों का जिक्र करते हुए कहा कि कंपनी ने इनका ‘‘स्पष्ट रूप से उल्लंघन’’ किया।
अदालत ने कहा कि एक तरफ जहां पॉलिसी की एक शर्त के तहत कंपनी के लिए सभी जरूरी बातें ईमानदारी से बताना जरूरी था, वहीं दूसरी शर्त यह थी कि कोई भी गलत जानकारी न दी जाए।
न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ ने कहा, ‘‘अगर कोई बीमा करवाने वाला व्यक्ति/कंपनी पॉलिसी की शर्तों के खिलाफ जाकर अपने दावे को मजबूत करने के लिए झूठी बातें कहता है, तो बीमा कंपनी बिना किसी देरी के उस आधार पर दावे को खारिज करने का पूरा कानूनी अधिकार रखती है।’’
शीर्ष अदालत ने एनसीडीआरसी के नवंबर 2024 के आदेश को चुनौती देने वाली बीमा कंपनी की अपील समेत दो अपीलों पर अपना फैसला सुनाया।
एनसीडीआरसी ने बीमा कंपनी को सेवा में कमी के लिए तीन लाख रुपये के मुआवजे और एक लाख रुपये के मुकदमेबाजी खर्च समेत कंपनी को 2.4 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था।
शीर्ष अदालत ने कहा कि कंपनी के प्रबंधन द्वारा दिए गए ‘‘गलत बयान’’ स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि उन्होंने अपने बीमा दावे को मजबूत करने के लिए जानबूझकर गलत तथ्यों पर आधारित बयान दिए।
भाषा जोहेब नेत्रपाल
नेत्रपाल

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