अंग प्रतिरोपण: 2025 में 217 पंजीकृत अस्पताल राष्ट्रीय रजिस्ट्री पोर्टल पर जानकारी देने में रहे विफल

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अंग प्रतिरोपण: 2025 में 217 पंजीकृत अस्पताल राष्ट्रीय रजिस्ट्री पोर्टल पर जानकारी देने में रहे विफल

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  • Publish Date - March 10, 2026 / 06:40 PM IST,
    Updated On - March 10, 2026 / 06:40 PM IST

नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) राज्यसभा में मंगलवार को सरकार ने बताया कि अंग प्रतिरोपण करने वाले 804 पंजीकृत अस्पतालों में से 217 अस्पताल 2025 में राष्ट्रीय रजिस्ट्री पोर्टल पर संबंधित जानकारी देने में विफल रहे और उनके खिलाफ संबंधित राज्य सरकारों द्वारा कार्रवाई शुरू की जाएगी।

उच्च सदन में स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि अंग प्रतिरोपण करने के लिए अस्पतालों का पंजीकरण उस राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के उपयुक्त प्राधिकार द्वारा किया जाता है, जहां अस्पताल स्थित होता है।

उन्होंने कहा, “अंग प्रतिरोपण करने वाले 804 पंजीकृत अस्पतालों में से 217 अस्पताल वर्ष 2025 के दौरान राष्ट्रीय रजिस्ट्री पोर्टल पर संबंधित जानकारी देने में विफल रहे।

मंत्री ने कहा, “मानव अंग और ऊतक प्रतिरोपण अधिनियम ( टीएचओटीओ), 1994 तथा इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के अनुसार, ऐसे अस्पतालों के खिलाफ नियामक कार्रवाई संबंधित राज्य सरकारों द्वारा की जानी है।”

राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रतिरोपण रजिस्ट्री पोर्टल 2015 से कार्यरत है और अधिकृत उपयोगकर्ताओं, जिनमें अस्पताल और संगठन शामिल हैं, के लिए नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन की वेबसाइट के माध्यम से सुलभ है।

उन्होंने कहा कि तीन मार्च 2026 तक, राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रतिरोपण संगठन (एनओटीटीओ) के राष्ट्रीय रजिस्ट्री पोर्टल पर अस्पतालों और प्रतिरोपण केंद्रों द्वारा रिपोर्ट किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में प्रमुख अंगों के लिए प्रतीक्षा सूची 89,839 हो गई है।

जाधव ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान देश में किए गए अंग प्रतिरोपणों की संख्या 20,019 थी।

भाषा माधव प्रशांत

प्रशांत

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