नयी दिल्ली, 28 मई (भाषा) ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ प्रणाली को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह एक ‘‘सुरक्षित और मजबूत सूचना प्रौद्योगिकी मंच’’ है और वास्तविक मूल्यांकन पोर्टल में किसी भी तरह की सेंध या चूक की कोई सूचना नहीं है।
सीबीएसई ने यह भी कहा कि इस मंच का, “पैनल में शामिल एजेंसियों से सुरक्षा ऑडिट कर परीक्षण और प्रमाणन” कराया गया है। बोर्ड के अनुसार, यह प्रणाली “मजबूत डिजिटल ढांचे” से लैस है, जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षित स्कैनिंग और प्रसंस्करण के लिए कई स्तर की गुणवत्ता जांच और सुरक्षा उपाय शामिल हैं।
बोर्ड ने ‘एक्स’ पर छात्रों को संबोधित पोस्ट में कहा कि उत्तर पुस्तिकाएं ‘‘सुरक्षित’’ हैं और ‘‘कई गुणवत्ता नियंत्रण प्रणालियों’’ से होकर गुजरी हैं।
यह बयान 2026 की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन से जुड़े ठेके को लेकर उठे विवाद और ओएसएम प्रणाली से कथित छेड़छाड़ को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए दावों के बीच आया है।
सीबीएसई ने बुधवार को ‘कोएम्प्ट एडुटेक’ को ठेका देने संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि ये दावे गलत, भ्रामक और तथ्यहीन हैं।
बोर्ड ने कहा कि यह ठेका सामान्य वित्तीय नियमों के तहत उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए दिया गया था।
बोर्ड की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान के बाद आई जिसमें उन्होंने बुधवार को “पूरे घोटाले” की तह तक जाने के लिए स्वतंत्र न्यायिक व एसआईटी जांच की मांग की थी।
उन्होंने आरोप लगाया था कि तेलंगाना में संदिग्ध रिकॉर्ड वाली एक कंपनी को बोर्ड ने यह ठेका दिया।
यह विवाद तब बढ़ गया जब 12वीं कक्षा के कुछ विद्यार्थियों ने अंकन में गड़बड़ी के आरोप लगाए तथा यह दावा किया कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियां उनकी लिखावट से मेल नहीं खातीं। इससे ओएसएम प्रणाली में उत्तर पुस्तिकाओं की संभावित अदला-बदली को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
भाषा
खारी मनीषा
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