(KPI Green Energy Share/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: KPI Green Energy Share: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनी KPI Green Energy ने पिछले कुछ वर्षों में अपने निवेशकों को शानदार रिटर्न देकर सुर्खियां बटोरी है। कंपनी के शेयर में पिछले 5 साल में 8317 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। कभी सिर्फ 5 रुपये के आसपास कारोबार करने वाला यह शेयर अब 347 रुपये के पार पहुंच चुका है। सोलर और विंड एनर्जी कारोबार से जुड़ी यह कंपनी अब मल्टीबैगर स्टॉक्स की सूची में शामिल हो चुकी है।
KPI Green Energy के शेयर 28 मई 2021 को करीब 5.20 रुपये के स्तर पर थे। वहीं, 27 मई 2026 को कंपनी का शेयर बीएसई पर 437.20 रुपये पर बंद हुआ। इस दौरान निवेशकों को हजारों प्रतिशत का रिटर्न मिला। पिछले 4 साल में भी शेयर में करीब 813 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। हालांकि बीते एक साल में शेयर में हल्की गिरावट भी देखने को मिली है। कंपनी के शेयर का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 563 रुपये और निचला स्तर 335.65 रुपये रहा है।
KPI Green Energy ने अपने शेयरधारकों को सिर्फ रिटर्न ही नहीं दिया। बल्कि बोनस शेयर का भी फायदा पहुंचाया है। कंपनी पिछले 3 साल में लगातार 3 बार बोनस शेयर दे चुकी है। जनवरी 2023 में कंपनी ने 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी किए थे। इसके बाद फरवरी 2024 में 1:2 और फिर जनवरी 2025 में भी 1:2 के अनुपात में बोनस शेयर दिए गए। इसका मतलब है कि निवेशकों को अतिरिक्त शेयर मुफ्त में मिले। जिससे उनकी होल्डिंग और बढ़ गई।
| पैरामीटर | विवरण |
| कंपनी | KPI Green Energy Ltd |
| NSE कोड | KPIGREEN |
| कीमत (27 May, 3:30 PM IST) | ₹ 437.20 |
| ओपन | ₹ 435.00 |
| हाई | ₹ 447.45 |
| लो | ₹ 431.00 |
| मार्केट कैप | ₹9.07K Cr |
| P/E Ratio | 18.19 |
| 52-वीक हाई | ₹ 563.00 |
| 52-वीक लो | ₹ 335.65 |
| डिविडेंड | – |
| क्वार्टरली डिविडेंड अमाउंट | – |
कंपनी ने बोनस के अलावा शेयर स्प्लिट भी किया है। जुलाई 2024 में KPI Green Energy ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले एक शेयर को बांटकर 5-5 रुपये के दो शेयर कर दिए थे। इससे छोटे निवेशकों के लिए शेयर खरीदना आसान हो गया। कंपनी का मार्केट कैप अब 9.07 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुका है। मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 49.49 प्रतिशत और पब्लिक होल्डिंग 50.51 प्रतिशत है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।