जयपुर, 17 फरवरी (भाषा) राजस्थान की उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री दिया कुमारी ने मंगलवार को कहा कि राज्य की भाजपा सरकार सबको साथ लेकर चलने वाली है और राज्य के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।
वह राज्य विधानसभा में बजट (2026-27) पर हुई चर्चा का जवाब दे रहीं थी।
कुमारी ने कहा, ‘‘हम प्रदेश के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। समस्त प्रदेशवासियों के सहयोग से विकसित राजस्थान की संकल्पना को साकार करने में हम अवश्य ही सफल होंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हमने प्रदेश के दीर्घकालिक लक्ष्यों तथा विकसित राजस्थान व गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए इस बजट को तैयार किया।’’
चर्चा के दौरान विपक्षी विधायकों द्वारा बजट की आलोचना पर दिया कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार सबको साथ लेकर चलने वाली सरकार है। विपक्ष की रचनात्मक आलोचना का स्वागत करते हैं।
हालांकि उन्होंने कहा कि कुछ विधायकों ने बजट की अनावश्यक व निराधार आलोचना की है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जो बजट बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाता हो, वित्तीय अनुशासन बनाए रखता हो, सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करता हो, प्रदेश को विकसित राज्य बनाने का खाका पेश करता हो… युवा, किसानों, नारी शक्ति व वंचित वर्ग को सशक्त करता है… वह बजट राज्य को पीछे नहीं आगे ले जाता है।’’
विपक्ष पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान को पीछे किसने छोड़ा था, यह इतिहास जानता है।
इससे पहले, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सरकार के इस बजट में ‘‘झूठ व असत्य’ के सिवा कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने ऐसा नीरस बजट कभी नहीं देखा।
जूली ने सरकार पर बजट में कई प्रमुख क्षेत्रों के लिए आवंटन में कटौती करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र के लिए आवंटन कम किया गया।
उन्होंने राज्य में सरकारी स्कूलों के भवनों की कथित खस्ता हालत के लिए भी सरकार पर निशाना साधा। जूली ने कहा, ‘‘सरकार ने खुद उच्च न्यायालय को सूचित किया कि स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए 20,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता है लेकिन बजट में इस मद में सिर्फ़ 500 करोड़ रुपये दिए हैं।’’
कांगेस नेता ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में लगभग 1.5 लाख पद खाली हैं। उन्होंने सरकार पर वित्तीय घाटा कम करने की कोशिश में विकास कार्यों के बजट में कटौती करने का आरोप लगाया।
भाषा पृथ्वी शफीक
शफीक