‘हमारी नौकरियां सब्जियों की तरह बेच रहे हैं’: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में ‘गड़बड़ियों’ को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हुआ

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‘हमारी नौकरियां सब्जियों की तरह बेच रहे हैं’: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में 'गड़बड़ियों' को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हुआ

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  • Publish Date - August 6, 2026 / 09:55 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 09:55 PM IST

रांची, छह अगस्त (भाषा) रांची में भूख हड़ताल पर बैठी छात्रा सबिता कुमार ने कहा कि ‘वे हमारे अधिकार छीन रहे हैं और हमारी नौकरियों को सब्जियों की तरह बेच रहे हैं।’ सबिता के इस बयान में झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हजारों विद्यार्थियों का गुस्सा झलकता है।

सबिता कुमारी उन छह प्रदर्शनकारियों में एक हैं जो भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी यह भूख हड़ताल विद्यार्थियों के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शन का हिस्सा है जो बृहस्पतिवार को 13वें दिन भी जारी रहा।

उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हम न सिर्फ पीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं, बल्कि दोबारा परीक्षा के लिए एक तय समय-सीमा की भी मांग कर रहे हैं। वे हमारे अधिकार छीन रहे हैं और हमारी नौकरियां सब्जियों की तरह बेच रहे हैं।’’

इसी स्टेडियम में 25 जुलाई को विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था।

प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड पीएससी सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि यह जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) करे या फिर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीशों की एक समिति करे।

उन्होंने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधारों पर भी जोर दिया।

एक और प्रदर्शनकारी, राहुल क्रांति ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों से सबसे बड़ा नुकसान ‘व्यवस्था पर से भरोसा उठना’ है।

उन्होंने कहा, ‘‘सबसे बड़ा नुकसान नौकरी का नहीं है। सबसे बड़ा नुकसान भरोसे का है।’’

स्टेडियम में मौजूद विद्यार्थियों के लिए, यह प्रदर्शन कई परीक्षाओं से जुड़ा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम पारदर्शिता, जवाबदेही और इस बात की गारंटी चाहते हैं कि सरकारी नौकरियां पैरवी के बजाय योग्यता के आधार पर दी जाएं।’’

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि ‘‘भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है, जिसमें प्रश्नपत्र लीक, ओएमआर शीट में हेर-फेर और नौकरी के बदले पैसे का लेन-देन करने वाले नेटवर्क शामिल हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कई प्रदर्शनकारी दावा कर रहे हैं कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के ज़्यादातर सवालों के जवाब परीक्षा से पहले ही लीक हो गए थे, जिससे कई उम्मीदवार परेशान हो गये।’’

मंगलवार रात, दो महिलाओं समेत पांच प्रदर्शनकारी झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल में शामिल हो गए। महतो पिछले पांच दिनों से उपवास पर हैं।

महतो की रक्तशर्करा और रक्तचाप का स्तर काफ़ी गिर जाने के बाद उनकी सेहत चिंता का विषय बन गई।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने हाल में दिल्ली में नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर 26 दिन की भूख हड़ताल की थी। उन्होंने बुधवार को फोन पर महतो से बात की और उनसे अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए कम से कम पानी पीने का आग्रह किया।

वांगचुक की अपील के बाद महतो ने पानी पिया।

इस बीच, वांगचुक ने एक नए वीडियो में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की कि वह जल्द से जल्द इस मुद्दे को सुलझाएं । उन्होंने प्रदर्शनकारियों को शुभकामनाएं भी दीं।

भूख हड़ताल जारी रहने के बीच, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे सरकार के साथ बातचीत और अपनी चिंताओं के समाधान का इंतज़ार कर रहे हैं।

आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों और नौकरी के उम्मीदवारों ने गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार से बातचीत करने के लिए 11 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल बनाया।

दिन के दौरान उनके प्रदर्शन की गूंज विधानसभा तक भी पहुंची, जहां मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में नारे लगाए।

सोरेन ने बुधवार को कहा था कि प्रश्न पत्र लीक होने का मुद्दा एक राष्ट्रीय समस्या है। उन्होंने गतिरोध को खत्म करने के लिए बातचीत का प्रस्ताव दिया था।

भाषा राजकुमार प्रशांत

प्रशांत