नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को संसद को बताया कि देश भर में अब तक जारी किये गए कुल 11.86 करोड़ फास्टैग में से लगभग 5.9 करोड़ चालू हैं।
फास्टैग का उपयोग टोल भुगतान करने के लिए किया जाता है।
केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 98 प्रतिशत से अधिक उपयोगकर्ता शुल्क इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (ईटीसी) प्रणाली के माध्यम से एकत्र किया जाता है।
गडकरी ने उच्च सदन को बताया, ‘‘दिसंबर 2025 तक, जारी किए गए कुल 11.86 करोड़ फास्टैग में से, लगभग 5.9 करोड़ फास्टैग चालू हालत में हैं और ‘नेशनल हाईवे फी प्लाजा’ पर इलेक्ट्रॉनिक टोल लेनदेन के लिए उपयोग किए जाते हैं।’’
उन्होंने बताया कि इन स्थानों पर प्रतिदिन होने वाले ईटीसी लेनदेन की औसत संख्या 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) में लगभग 105 लाख है।
राजमार्ग उपयोगकर्ताओं द्वारा फास्टैग का निरंतर बढ़ता उपयोग उत्साहजनक है और इससे टोल संचालन की दक्षता बढ़ी है।
वार्षिक पास सुविधा के बारे में उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 2025 को इस पहल की शुरूआत किये जाने के बाद से, 31 दिसंबर 2025 तक लगभग 42 लाख वार्षिक पास चालू किए जा चुके हैं, जिससे 19 करोड़ से अधिक लेनदेन सुगम हुए हैं।
वर्तमान में, लगभग 25 प्रतिशत गैर-वाणिज्यिक वाहन वार्षिक पास का उपयोग करके फास्टैग लेनदेन कर रहे हैं।
गडकरी ने बताया कि 2024-25 के दौरान राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह कार्यक्रम के संबंध में किये गए एक प्रभाव आकलन से पता चलता है कि ईटीसी संचालन के तहत एक वाहन द्वारा शुल्क प्लाजा को पार करने में लगने वाला औसत समय 40 सेकंड है, जबकि पहले की प्रणाली में प्रति वाहन 12.23 मिनट का समय लगता था।
एक अन्य प्रश्न के लिखित जवाब में, उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों (2022-23, 2023-24 और 2024-25) के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों पर शुल्क प्लाजा पर एकत्र की गई कुल उपयोगकर्ता शुल्क राशि 1,65,322.67 करोड़ रुपये है।
भाषा
सुभाष अविनाश
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