(योषिता सिंह)
संयुक्त राष्ट्र, चार फरवरी (भाषा) भारत ने अंतरराष्ट्रीय विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र की मुख्य एजेंसी द्वारा दक्षिण-दक्षिण सहयोग पर ध्यान केंद्रित करने वाले एक विभाग के वास्ते आवंटन में प्रस्तावित कटौती पर ‘‘गहरी चिंता’’ जताई है।
संरा के अधिकारियों ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने 2025 में अपने संस्थागत और मूल कार्यक्रम बजट में आठ अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की कटौती की और 2026 के लिए, अतिरिक्त 11.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कटौती का अनुमान है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी दूत पी. हरीश ने मंगलवार को 2026–2029 रणनीतिक ढांचे के तहत संयुक्त राष्ट्र दक्षिण-दक्षिण सहयोग कार्यालय के लिए यूएनडीपी के आवंटन में प्रस्तावित 46 प्रतिशत की कटौती पर ‘‘गंभीर चिंता’’ व्यक्त की।
यूएनडीपी के कार्यकारी बोर्ड के पहले सत्र में अपने संबोधन में हरीश ने कहा, ‘‘भारत इस बात पर जोर देता है कि दक्षिण-दक्षिण सहयोग यूएनडीपी का एक बुनियादी स्तंभ है और विकासशील देशों के लिए सतत विकास लक्ष्य को हासिल करने का एक आवश्यक जरिया है।’’
उन्होंने आवंटन में प्रस्तावित कटौती पर ‘‘गहरी चिंता’’ जताई।
भाषा शफीक संतोष
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