बारिपदा (ओडिशा), 14 अप्रैल (भाषा) ओडिशा के मयूरभंज जिले में सरकार द्वारा संचालित आदिवासी आवासीय स्कूल में भोजन करने के दो दिन बाद मंगलवार को कक्षा पांचवीं की एक छात्रा की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, छात्रा के 100 से अधिक सहपाठी भी खाना खाने के बाद बीमार पड़ गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, काकबंधा आश्रम स्कूल के छात्रों ने रविवार सुबह ‘अधिकृत मेन्यू में शामिल नहीं किए गए खाद्य पदार्थ’ के सेवन के बाद असहजता की शिकायत की और वे बीमार पड़ गए।
प्रभावित छात्रों के अभिभावकों ने दावा किया कि बच्चों ने खमीरी चावल (पखाला), मसले हुए आलू और आम की चटनी खाई थी, जिसके बाद उन्हें दस्त और उल्टी होने लगी।
अधिकारियों ने बताया कि 100 से अधिक छात्र बीमार पड़ गए और उन्हें स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से 67 छात्रों को गंभीर हालत में बारिपदा स्थित पीएमआर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मयूरभंज जिले की कलेक्टर हेमा कांता साय ने बताया, “पांचवीं कक्षा की छात्रा रूपाली बेसरा को सोमवार को अस्पताल के गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था। चिकित्सा सहायता के बावजूद मंगलवार सुबह उसकी मृत्यु हो गई।”
अधिकारी ने बताया, “फिलहाल 66 छात्र अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जबकि 41 अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं। एक चिकित्सा दल को स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है, जबकि दूसरा दल स्कूल में तैनात है।”
जिला कलेक्टर ने बताया कि कुछ और छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।
उन्होंने संवाददाताओं को बताया,“पुलिस जांच के अलावा, हम एक स्वतंत्र जांच भी कराएंगे क्योंकि आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने मेन्यू में उल्लिखित न होने वाला भोजन परोसा था। इस घटना के लिए जिम्मेदार शिक्षकों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”
जिला कलेक्टर ने बताया कि मृतका की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
घटना के सामने आने के बाद, ग्रामीणों ने मृत छात्रा के परिवार के लिए मुआवजे और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए रसगोविंदपुर-जलेश्वर सड़क को जाम कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक जयंत कुमार पाणिग्राही को कर्तव्य में लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया है और सरकार ने मृत छात्रा के परिवार को सात लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
ओडिशा आवास और शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्रा ने अस्पताल में भर्ती छात्रों से मुलाकात की और उनके अभिभावकों से बात की।
भाषा
राखी नरेश
नरेश