नयी दिल्ली, तीन जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने वीजा और पासपोर्ट धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई के तहत पिछले साल ‘ट्रैवल एजेंट’ और दलालों सहित 130 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि दिल्ली पुलिस की आईजीआई (इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय) हवाई अड्डा इकाई ने अपनी तरह का पहला कदम उठाते हुए, अपराध से अर्जित धन संबंधी लेन-देन का पता लगाने के लिए आरोपियों के खिलाफ वित्तीय जांच भी शुरू की, जिसके परिणामस्वरूप संदिग्ध लेन-देन वाले 100 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया।
ये गिरफ्तारियां देश के विभिन्न हिस्सों से की गईं। यह कार्रवाई यात्रा संबंधी दस्तावेजों की जालसाजी करने, यात्रियों को धोखा देने और अवैध दस्तावेजों के आधार पर विदेश यात्रा का प्रबंध करने में शामिल एक संगठित नेटवर्क के खिलाफ की गई।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा, ‘‘जांच अधिकारियों को धोखाधड़ी के वित्तीय पहलुओं की विशेष रूप से जांच करने और धन के लेन-देन का पता लगाने का निर्देश दिया गया था।’
पुलिस ने बताया कि आपराधिक गतिविधियों से प्राप्त धन से अर्जित संदिग्ध संपत्तियों की पहचान की जा रही है। उसने बताया कि एक मामले में आरोपी एजेंट की संपत्ति को कुर्क करने के लिए सक्षम न्यायालय में आवेदन दायर किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि अन्य एजेंट के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई शुरू की जा रही है।
पुलिस ने फरार आरोपियों को देश से भागने से रोकने के लिए 2025 में 140 ‘लुकआउट सर्कुलर’ (एलओसी) जारी कराए। इसके परिणामस्वरूप, विदेश जाने का प्रयास कर रहे कई अपराधियों को हवाई अड्डों पर ही रोक लिया गया।
पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप 119 घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया जिनमें वे आरोपी भी शामिल हैं जो एक दशक से अधिक पुराने मामलों में वांछित थे।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल दलाली के 300 से अधिक मामले दर्ज किए गए जिसके परिणामस्वरूप 400 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। सामान की चोरी से संबंधित मामलों में 60 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया।
भाषा तान्या सिम्मी
सिम्मी