हैदराबाद, 12 जनवरी (भाषा) जेल और सुधार सेवाएं महानिदेशक सौम्या मिश्रा ने सोमवार को कहा कि ‘‘थम्ब इन-साइन आउट’’ पहल के माध्यम से 23,000 से अधिक कैदी साक्षर हुए और पिछले वर्ष तेलंगाना की जेलों में अध्ययन केंद्रों के माध्यम से 28 कैदियों ने स्नातक की उपाधि हासिल की।
एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मिश्रा ने कहा कि कार्यक्रम के तहत, आठ महिलाओं सहित 108 कैदियों को एनआईओएस (राष्ट्रीय मुक्त शिक्षा संस्थान) में कक्षा 10 की परीक्षा में बैठने के लिए नामांकित किया गया है।
विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘कार्यक्रम के तहत 23,220 कैदियों को साक्षर किया गया। आठ महिला कैदियों सहित 108 कैदियों को 10वीं कक्षा की परीक्षा में शामिल होने के लिए एनआईओएस में नामांकित किया गया। डॉ. बी. आर. आंबेडकर मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा संचालित चेरलापल्ली जेल के अध्ययन केंद्रों के माध्यम से 28 कैदियों ने 2025 में स्नातक की उपाधि हासिल की।’’
तेलंगाना की जेलों में 2025 में 42,566 पुरुष और महिला कैदियों को भेजा गया, जो 2024 के 38,079 के मुकाबले 11.8 प्रतिशत अधिक है।
वर्ष 2025 में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत 4,176 कैदी आए, जो 2024 के 3,750 की तुलना में 11 प्रतिशत से अधिक है।
विज्ञप्ति के अनुसार, 2025 में पॉक्सो अधिनियम के तहत 109 महिलाओं के खिलाफ मामले दर्ज किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या 95 थी।
भाषा सुभाष संतोष
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