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हैदराबाद: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी के साथ ‘मैच-फिक्सिंग’ के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि वे चुनाव लड़ते रहेंगे और उनके खिलाफ लगने वाले आरोप इस बात का सबूत हैं कि वे राजनीतिक रूप से सफल हो रहे हैं। (Owaisi BJP match-fixing allegations) ओवैसी ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि AIMIM और उनके कारण राजनीतिक संतुलन बदल रहा है, लेकिन मुस्लिम समुदाय को हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए अगर संतुलन बिगड़ता है तो वे इससे पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उनकी पार्टी के चार विधायक तोड़े गए, तब क्या वह कोई गांधीवादी कदम था? ओवैसी ने आरोप लगाया कि विधायकों को तोड़ना कुछ दलों के लिए नैतिक माना जाता है, लेकिन जब वही घटनाएं महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश या कर्नाटक में होती हैं तो हंगामा खड़ा कर दिया जाता है। (Owaisi BJP match-fixing allegations) उन्होंने इसे दोहरा रवैया और राजनीतिक पाखंड बताया।
ओवैसी ने कहा कि बिहार में उनके चार विधायक तोड़े गए, लेकिन इसके बावजूद AIMIM ने दोबारा चुनाव जीतकर अपनी ताकत साबित की। (Owaisi BJP match-fixing allegations) बिहार विधानसभा चुनाव की बात करें तो पिछले साल हुए चुनाव में AIMIM ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी। इससे पहले 2020 के विधानसभा चुनाव में भी पार्टी को पांच सीटें मिली थीं, हालांकि बाद में उसके चार विधायक आरजेडी में शामिल हो गए थे।
इस बीच महाराष्ट्र निकाय चुनावों में AIMIM ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। पार्टी ने 125 वार्डों में जीत हासिल की, जबकि पिछले निकाय चुनावों में यह आंकड़ा 56 सीटों का था। (Owaisi BJP match-fixing allegations) मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में AIMIM की पकड़ और मजबूत हुई है।
#WATCH | Hyderabad | On some alleging him against “match-fixing” with BJP, AIMIM President Asaduddin Owaisi says, “I will continue to fight elections. The hate and allegations towards me indicate that I am being successful in what I am doing…These people think the political… pic.twitter.com/FJX93jkacS
— ANI (@ANI) January 20, 2026