ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में मस्जिद हटाए जाने की निंदा की

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ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में मस्जिद हटाए जाने की निंदा की

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  • Publish Date - September 5, 2026 / 07:57 PM IST,
    Updated On - September 5, 2026 / 07:57 PM IST

हैदराबाद, पांच सितंबर (भाषा) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक मस्जिद हटाए जाने की निंदा करते हुए शनिवार को सवाल किया कि संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार मुसलमानों पर लागू होता है या नहीं।

अधिकारियों ने बताया कि सहारनपुर के जिला कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर अवैध रूप से बनाई गई एक मस्जिद को शनिवार तड़के हटा दिया गया।

ओवैसी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मन में मस्जिदों के प्रति नफरत है।

उन्होंने दावा किया कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में यह मस्जिद वर्ष 1911 या उससे पहले बनाई गयी और इसे एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा इस उद्देश्य के लिए दान की गई निजी जमीन पर बनाया गया था।

करीब डेढ़ महीने पहले जिलाधिकारी की ओर से एक आदेश जारी किया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि यह मस्जिद नहीं है और इसे हटाने का निर्देश दिया गया था। इस मामले को अदालत में ले जाया गया, लेकिन अधीनस्थ न्यायालय ने रोक लगाने का आदेश नहीं दिया।

ओवैसी ने सवाल किया कि शनिवार सुबह पांच बजे जल्दबाजी में मस्जिद को क्यों हटाया गया जबकि मामले की सुनवाई उच्च अदालतों में होने का इंतजार किया जा सकता था।

उन्होंने आरोप लगाया कि इससे ज्ञात होता है कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार मामले को उच्च अदालतों तक नहीं जाने देना चाहती थी क्योंकि उसे पता था कि वह गलत है।

एआईएमआईएम प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री असंवैधानिक तरीके से काम कर रहे हैं, जिसके कारण केवल एक मस्जिद ही नहीं बल्कि कई मस्जिदों को हटाया जा रहा है और इलाके में कब्रिस्तानों को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने सवाल किया, “हम भाजपा, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री से पूछना चाहते हैं कि क्या भारत के संविधान में बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा शामिल की गई धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी मुसलमानों पर लागू नहीं होती?”

ओवैसी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन ने ‘चोरों की तरह’ तड़के के समय कार्रवाई कर मस्जिद को हटाया।

उन्होंने सवाल किया कि मस्जिद हटाकर भाजपा और उत्तर प्रदेश सरकार देश व दुनिया को क्या संदेश देना चाहती है।

ओवैसी ने पूछा कि क्या राज्य में धार्मिक स्वतंत्रता और कानून का शासन खत्म हो गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सहारनपुर मस्जिद को हटाने की कार्रवाई में संविधान को कमजोर करने की साजिश की गई। साथ ही दावा किया कि मस्जिद गिराने से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को चुनाव में कोई फायदा नहीं मिलेगा।

ओवैसी ने आरोप लगाया कि जहां भी भाजपा की सरकार होती है, वहां मस्जिदों को निशाना बनाया जाता है और ऐसी कार्रवाई से संविधान कमजोर होता है।

उन्होंने मस्जिद का प्रबंधन करने वालों से इस कार्रवाई के खिलाफ उच्च अदालतों में अपील करने को कहा।

ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम उन्हें हर संभव मदद देने के लिए तैयार है।

भाषा जितेंद्र धीरज

धीरज

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