नई दिल्ली: Owaisi on Waqf Amendment Bill लोकसभा ने बुधवार को विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों के कड़े विरोध के बीच वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को पारित कर दिया। वोटिंग में 520 सांसदों ने भाग लिया। 288 सांसदों ने पक्ष में, 232 ने विपक्ष में वोट डाला। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बिल का विरोध करते हुए कहा कि देश में मुस्लिमों के साथ अन्याय हो रहा है और ये अनुच्छेद 25, 26 का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों और मदरसों को निशाना बनाया जा रहा है। लोकसभा में उन्होंने बिल की कॉपी को फाड़ने की बात कही।
‘मैं गांधीजी की तरह यह बिल फाड़ता हूं’
Owaisi on Waqf Amendment Bill ओवैसी ने कहा, “गांधीजी के सामने जब एक ऐसा कानून लाया गया, जो उनको कबूल नहीं था तो उन्होंने कहा मैं उसे कानून को मानता नहीं हूं, उसको फाड़ता हूं तो मैं भी गांधी जी की तरह इस कानून को फाड़ता हूं, इसके बाद दो पन्नों के बीच जिसमें स्टेपर लगा हुआ था वह अलग-अलग कर दिए।” हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने कहा, “वक्फ एक धार्मिक संस्था है। केंद्र सरकार यहां गलत जानकारी दे रही है। वक्फ बिल भारत के ईमान पर हमला आप मुसलमान से waqf by user छीन रहे हैं। ये जो कानून बन रहा है उसका सोर्स आर्टिकल 26 है। जब हिंदू, बौद्ध, जैन को इस बात की आजादी दी गई है तो फिर आप मुस्लिमों से ये कैसे छीन सकते हैं।”
‘मंदिर-मस्जिद के नाम पर झगड़ा’
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “देश में प्राचीन मंदिरों की हिफाजत होगी, लेकिन प्राचीन मस्जिदों की नहीं होगी। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2013 का कानून नहीं बनता तो हम इसे नहीं लेकर आते। मैं उनसे पूछना चाह रहा हूं कि क्या उस वक्त राजनाथ सिंह, लालाकृष्ण आडवाणी जैसे बड़े-बड़े नेता यहां बैठे थे। आपने उस कानून को पास करा दिया, तो उस समय वो गलत थे या आप गलत थे, ये बता दीजिए। बीजेपी इस देश में मंदिर-मस्जिद के नाम पर झगड़ा करना चाहती है।”

