जयपुर, छह सितंबर (भाषा) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को जयपुर के परकोटा क्षेत्र में सड़क, सीवरेज, सफाई और अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाओं की स्थिति को लेकर राजस्थान सरकार पर निशाना साधा।
ओवैसी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल इस प्राचीन शहर में प्रवेश करते समय उन्हें जगह-जगह कचरा, टूटी सड़कें और गड्ढे नजर आए।
उन्होंने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि राजस्थान में शहरी कचरे का केवल 11 से 25 प्रतिशत हिस्सा ही प्रसंस्कृत किया जा रहा है। उन्होंने नगर निकायों के पास उपलब्ध लेकिन खर्च नहीं की गई धनराशि के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाया।
ओवैसी ने सरकारी विद्यालयों की स्थिति पर भी चिंता जताई और दावा किया कि हजारों विद्यालय भवनों तथा कक्षाओं को पुनर्निर्माण या बड़े स्तर पर मरम्मत की जरूरत है। अजमेर में हाल में विद्यालय की दीवार गिरने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा कि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है।
उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी राज्य सरकार की आलोचना की तथा दुष्कर्म के मामलों के आधिकारिक आंकड़ों और सरकारी अस्पतालों में कथित कमियों का हवाला दिया।
राज्य में निवेश के दावों पर सवाल उठाते हुए ओवैसी ने पूछा कि कितनी परियोजनाएं वास्तव में शुरू हुईं और उनसे कितने रोजगार पैदा हुए।
उन्होंने कहा कि समझौता ज्ञापनों (एमओयू) को वास्तविक निवेश के बराबर नहीं माना जा सकता।
उन्होंने जयपुर के परकोटे के विकास और संरक्षण के लिए घोषित 100 करोड़ रुपये के इस्तेमाल का ब्योरा भी मांगा।
भाषा बाकोलिया सुरभि
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