ओवैसी की मांग: ‘एसआईआर’ में मतदाता सत्यापन के लिए पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस को दे मंजूरी

ओवैसी की मांग: ‘एसआईआर’ में मतदाता सत्यापन के लिए पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस को दे मंजूरी

ओवैसी की मांग: ‘एसआईआर’ में मतदाता सत्यापन के लिए पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस को दे मंजूरी
Modified Date: June 11, 2026 / 06:55 pm IST
Published Date: June 11, 2026 6:55 pm IST

हैदराबाद, 11 जून (भाषा) एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग (ईसी) से मांग की कि वह ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) के दौरान मतदाता सत्यापन के लिए पहचान प्रमाण के रूप में पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) राशन कार्ड को स्वीकार करे।

यहां मुस्लिम संगठनों की एक बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा स्वीकृत 12 पहचान प्रमाणों में से तीन तेलंगाना में उपलब्ध नहीं हैं।

ये तीन दस्तावेज स्थायी निवास प्रमाणपत्र (पीआरसी), राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) और परिवार रजिस्टर (राज्य या स्थानीय अधिकारियों द्वारा तैयार) हैं।

ओवैसी ने कहा, ‘निर्वाचन आयोग ने खुद कहा है कि 12 दस्तावेजों की यह सूची अंतिम नहीं है। इसलिए यह आवश्यक है कि वे राज्य सरकार द्वारा जारी पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा कार्ड को स्वीकार करें।’

उन्होंने मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी से आग्रह किया कि वे मतदाता पहचान स्थापित करने के लिए वैध साक्ष्यों की सूची में ड्राइविंग लाइसेंस, पीडीएस राशन कार्ड और राज्य सरकार द्वारा जारी अन्य दस्तावेजों को शामिल कराने के प्रयास करें।

ओवैसी ने कहा कि चूंकि स्वीकृत सूची के तीन दस्तावेज तेलंगाना में उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के मुख्य सचिव को निर्वाचन आयोग को उन दस्तावेजों के बारे में औपचारिक रूप से सूचित करना चाहिए जो राज्य सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं और जिन्हें विकल्पों के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि तेलंगाना में स्थायी निवास प्रमाणपत्र और परिवार रजिस्टर जारी नहीं किए जाते हैं, और राज्य में राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) की प्रक्रिया भी नहीं चलाई गई है।

तेलंगाना में 15 जून से मतदाता सूची का ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) कार्यक्रम शुरू होना है।

तय कार्यक्रम के अनुसार, 15 से 24 जून तक मतदाता सूची तैयार करने का काम किया जाएगा, जिसके बाद 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा।

भाषा सुमित नरेश

नरेश


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