नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) आतिथ्य क्षेत्र की प्रौद्योगिकी कंपनी प्रिज्म ने 6,650 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए बाजार नियामक सेबी के समक्ष संशोधित मसौदा दस्तावेज दाखिल किए हैं। यह आईपीओ पूरी तरह नए शेयर के निर्गम पर आधारित होगा और इसमें बिक्री पेशकश (ओएफएस) का कोई प्रावधान नहीं है।
प्रिज्म, आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े ऑनलाइन मंच ओयो की मूल कंपनी है।
कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ में बिक्री पेशकश का कोई प्रावधान नहीं होने का मतलब है कि सॉफ्टबैंक की एसवीएफ इंडिया होल्डिंग्स, संस्थापक रितेश अग्रवाल, आरए हॉस्पिटैलिटी होल्डिंग्स, माइक्रोसॉफ्ट, एयरबीएनबी, खजानाह, लाइटस्पीड, ग्रीनओक्स कैपिटल और पीक एक्सवी सहित मौजूदा शेयरधारक आईपीओ के जरिये अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे।
मंगलवार को दाखिल दस्तावेजों (यूडीआरएचपी) के अनुसार, कंपनी 1330 करोड़ रुपये का आईपीओ पूर्व नियोजन भी ला सकती है। यदि यह सफल होता है, तो नए शेयर जारी कर जुटाई जाने वाली राशि उसी अनुपात में कम कर दी जाएगी।
कंपनी इससे हासिल राशि में से 4,987.5 करोड़ रुपये का उपयोग कर्ज चुकाने या अग्रिम भुगतान के लिए करेगी, जबकि शेष राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
प्रिज्म ने दिसंबर 2025 में गोपनीय मार्ग व्यवस्था के तहत आईपीओ के मसौदा दस्तावेज दाखिल किए थे। इस व्यवस्था के तहत कंपनी को निर्गम के आकार सहित उसकी प्रमुख जानकारियां सार्वजनिक होने से पहले गोपनीय रखने की सुविधा मिलती है। इसी महीने कंपनी को अपने पहले आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी मिली है।
यह आवेदन ऐसे समय आया है, जब कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में वित्तीय प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों में कंपनी का परिचालन राजस्व 6,941 करोड़ रुपये रहा, जो समूचे वित्त वर्ष 2024-25 के 6,259 करोड़ रुपये के राजस्व से अधिक है।
ओयो का संचालन करने वाली ओरावेल स्टेज का नाम सितंबर 2025 में बदलकर प्रिज्म कर दिया गया था। प्रिज्म 35 से अधिक देशों में 43 ब्रांड संचालित करती है।
भाषा निहारिका वैभव
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