पहलगाम के हमलावरों को न्याय के कठघरे में लाया जाए: मानवाधिकार आयोग

पहलगाम के हमलावरों को न्याय के कठघरे में लाया जाए: मानवाधिकार आयोग

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  • Publish Date - April 25, 2025 / 04:48 PM IST,
    Updated On - April 25, 2025 / 04:48 PM IST

नयी दिल्ली, 25 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए शुक्रवार को कहा कि आतंकवाद में संलिप्त लोगों के खिलाफ ‘‘प्रत्यक्ष या परोक्ष’’ कार्रवाई करने का समय आ गया है।

आयोग ने कहा कि वह पहलगाम की घटना से अत्यंत आहत है और उम्मीद करता है कि सरकार जवाबदेही तय करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी और हमलावरों को न्याय के कठघरे में लाएगी।

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादियों ने गोलीबारी कर 26 लोगों को मार डाला जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। हमले में कई अन्य घायल हो गए।

आयोग ने सख्त शब्दों में दिए अपने बयान में कहा कि जो लोग ‘‘आतंकवाद की मदद कर रहे हैं, उसे उकसा रहे हैं, समर्थन कर रहे हैं या उसे बढ़ावा दे रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करने का और उन्हें मानवता के खिलाफ इस खतरे के लिए जवाबदेह ठहराने का’’ समय आ गया है।

एनएचआरसी ने एक बयान में कहा, ‘‘वह घाटी में छुट्टी मनाने गए निहत्थे और मासूम नागरिकों पर जघन्य हमले की निंदा करता है।’’

आयोग ने कहा कि आतंकवाद में संलिप्त लोगों के खिलाफ ‘‘प्रत्यक्ष या परोक्ष’’ रूप से काम करने का और उन्हें ‘‘मानवता के खिलाफ इस खतरे’’ के लिए जवाबदेह ठहराने का समय आ गया है।

एनएचआरसी ने बयान में कहा, ‘‘इस घटना ने निर्दोष पीड़ितों और उनके परिवारों के मानवाधिकारों के उल्लंघन के एक गंभीर मुद्दे के रूप में हर सही सोच वाले इंसान की अंतरात्मा को झकझोर दिया है।’’

मानवाधिकार आयोग ने कहा कि विभिन्न मंचों पर बार-बार कहा गया है कि ‘‘आतंकवाद दुनिया में मानवाधिकारों के उल्लंघन के सबसे बड़े कारणों में से एक है’’।

उसने कहा, ‘‘आतंकवाद को सहायता देने, उकसाने, समर्थन और बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और इस खतरे के लिए उन्हें जवाबदेह ठहराने का समय आ गया है। अन्यथा, इसका परिणाम लोकतांत्रिक स्थान के सिकुड़ने, डराने धमकाने, प्रतिशोध और जीवन, स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व एवं आजीविका के अधिकार सहित विभिन्न मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के रूप में सामने आ सकता है।’’

एनएचआरसी ने कहा, ‘‘यह उम्मीद की जाती है कि सरकार जवाबदेही तय करने, अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाने और पीड़ितों के परिवारों को हरसंभव तरीके से सहायता प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।’’

भाषा वैभव अविनाश

अविनाश