पालम में आग: जान बचाने के लिए डेढ़ वर्षीय पुत्री के साथ पिता ने तीसरी मंजिल से छलांग लगाई

Ads

पालम में आग: जान बचाने के लिए डेढ़ वर्षीय पुत्री के साथ पिता ने तीसरी मंजिल से छलांग लगाई

  •  
  • Publish Date - March 18, 2026 / 07:56 PM IST,
    Updated On - March 18, 2026 / 07:56 PM IST

नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) एक आवासीय इमारत में बुधवार को लगी भीषण आग जिसने परिवार के नौ सदस्यों को लील लिया, से बचने के लिए व्यक्ति ने डेढ़ साल की बेटी के साथ तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। दमकल कर्मियों द्वारा मुहैया कराई गई बचाव सीढ़ी के उन तक नहीं पहुंच पाने से हताश होकर व्यक्ति ने जान बचाने के लिए यह कदम उठाया। प्रत्यक्षदर्शियों ने यह जानकारी दी।

एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार बच्ची के दोनों पैरों ‘फ्रैक्चर’ हो गए हैं जबकि उसके पिता के सिर में चोट आई है और दोनों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पालम में पांच मंजिला इमारत में लगी आग में तीन बच्चों समेत परिवार के नौ सदस्यों की मौत हो गई। इस इमारत की भूतल और पहली मंजिल पर कपड़ों और सौंदर्य प्रसाधनों का शोरूम था, जबकि मालिक राजेंद्र कश्यप का परिवार दूसरी और तीसरी मंजिल पर रहता था। आग के दौरान यहां दिल दहला देने वाले दृश्य सामने आए।

एक पड़ोसी ने घटना का वर्णन करते हुए बताया कि दूसरी मंजिल तक सीढ़ी लगाई गई थी। तीसरी मंजिल पर मौजूद अनिल (32) ने अपनी बेटी के साथ नीचे उतरने की कोशिश की, लेकिन सीढ़ी उन तक नहीं पहुंच पाई।

पड़ोसी ने बताया, ‘आग अचानक भड़क उठी और स्थिति गंभीर हो गई, अनिल ने बच्ची को गोद में लेकर नीचे उतारने की कोशिश की और इसी अफरा-तफरी में बच्ची उसके हाथ से फिसलकर गिर गई, जिससे उसके दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया।’

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नीचे कोई जाल या गद्दा नहीं लगाया गया था और जब जान बचाने के लिए कुछ लोगों ने कूदने की कोशिश की, तो वे सीधे जमीन पर गिरे।

एक अन्य पड़ोसी ने कहा कि दूसरी मंजिल से अनिल ने डेढ़ वर्षीय बेटी को इस उम्मीद में नीचे फेंका कि नीचे खड़े लोग पकड़ लेंगे, लेकिन बचाव कर्मी उसे नहीं पकड़ पाए और बच्ची सीधे जमीन पर जा गिरी।

बेटी के बाद पिता ने छलांग लगाई, लेकिन वह वहां खड़े एक वाहन से टकराया, जिससे उसके सिर में चोट आई।

उसने बताया कि परिवार का एक अन्य सदस्य (29 वर्षीय सचिन) छत पर पहुंचने में कामयाब रहा और पड़ोस के घर में कूद गया, लेकिन भागने के दौरान उसके हाथ झुलस गए।

पांच मंजिला इमारत के भूतल और पहली मंजिल पर कपड़े और सौंदर्य प्रसाधन का शोरूम था, जबकि शोरूम के मालिक राजेंद्र कश्यप का परिवार दूसरी और तीसरी मंजिल पर रहता था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घर में प्रवेश और निकास का केवल एक ही द्वार था और धुएं के घने गुबार ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया था जिससे द्वारा तक पहुंचना मुश्किल था।

घटनास्थल से प्राप्त दृश्यों में इमारत से काले धुएं के घने गुबार निकलते और आसमान में उठते हुए दिखाई दे रहे थे, जबकि अग्निशमन दल भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र में आग बुझाने के लिए संघर्ष करता रहा और इमारत के कुछ हिस्सों में आग की लपटें फैल रही थीं।

दिल्ली के पालम इलाके में आग में फंसे परिवार के पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने खिड़कियां और इमारत की दीवार का एक हिस्सा तोड़कर उन्हें बाहर निकालने की पूरी कोशिश की।

पड़ोसियों ने यह भी आरोप लगाया कि बचाव के लिए कोई सुरक्षा जाल या गद्दे लगाने की व्यवस्था नहीं की गई थी। शुरू में पहुंची दमकल गाड़ी खराब थी और दूसरी दमकल गाड़ी को घटनास्थल तक पहुंचने में 50 मिनट लगे, जिससे बचाव अभियान में देरी हुई।

पालम मेट्रो स्टेशन के पास राम चौक बाजार के नजदीक स्थित बहुमंजिला इमारत बुधवार को लगी आग में तबाह हो गई। इस आग में वहां रहने वाले एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत नौ सदस्यों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।

एक व्यापक अग्निशमन और बचाव अभियान के तहत पुलिस, बीएसईएस, वायु सेना पुलिस और एनडीआरएफ के कर्मियों के साथ-साथ लगभग 30 दमकल गाड़ियां और 11 एम्बुलेंस आग पर काबू पाने के लिए लगाई गईं।

अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और इलाके को सील कर दिया गया है तथा घटनास्थल का निरीक्षण करने के लिए एक फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है।

भाषा

शुभम पवनेश

पवनेश