राजामहेंद्रवरम के आसपास बाघ की दस्तक से दहशत, पकड़ने के लिए टीमें तैनात

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राजामहेंद्रवरम के आसपास बाघ की दस्तक से दहशत, पकड़ने के लिए टीमें तैनात

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  • Publish Date - February 5, 2026 / 03:49 PM IST,
    Updated On - February 5, 2026 / 03:49 PM IST

राजामहेंद्रवरम (आंध्र प्रदेश), पांच फरवरी (भाषा) राजमहेंद्रवरम के बाहरी इलाकों में पिछले चार दिनों से घूम रहे एक बाघ ने अब तक आठ से अधिक मवेशियों का शिकार किया है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है। यह जानकारी एक वन अधिकारी ने बृहस्पतिवार को दी।

अधिकारी के अनुसार, पूर्वी गोदावरी जिले के पुण्यक्षेत्रम गांव के पास अक्कम्मा तल्ली कोंडा मंदिर के आसपास पहली बार दिखे इस बाघ ने पहले चार मवेशियों का शिकार किया था। इसके बाद बृहस्पतिवार को बाघ ने चार और मवेशियों को अपना शिकार बनाया, जिससे मृत मवेशियों की संख्या आठ हो गई है।

वन विभाग के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “पिछले चार दिनों से राजामहेंद्रवरम के बाहरी इलाकों में घूम रहा बाघ चार मवेशियों को मार चुका है जिससे स्थानीय निवासियों में भय का माहौल है।”

उन्होंने बताया कि यह बाघ पिछले करीब 15 दिनों से राजामहेंद्रवरम और दीवान चेरुवु क्षेत्रों में घूम रहा है। अधिकारियों को संदेह है कि यह जानवर शहरी और ग्रामीण आबादी के बीच स्थित बगीचों और कृषि क्षेत्रों में छुपा हुआ है।

वन विभाग के अनुसार, बाघ आमतौर पर महाराष्ट्र के ताडोबा जंगल से पलायन कर कभी-कभी नए क्षेत्र और शिकार की तलाश में आंध्र प्रदेश की ओर आ जाते हैं। इस बाघ की आवाजाही आबादी वाले इलाकों और सीमावर्ती क्षेत्रों दोनों में देखी गई है, जिससे ग्रामीणों और यात्रियों की चिंता बढ़ गई है।

वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और रात के समय सुनसान इलाकों में जाने से बचने की अपील की है। इस बीच, बाघ को पकड़ने या उसे जंगल क्षेत्र की ओर खदेड़ने के प्रयास जारी हैं।

भाषा राखी नरेश

नरेश