‘धुरंधर’ फिल्म की आलोचना पर परेश रावल ने कहा: यदि यह प्रचार फिल्म है, तो इसका प्रतिवाद कीजिए

‘धुरंधर’ फिल्म की आलोचना पर परेश रावल ने कहा: यदि यह प्रचार फिल्म है, तो इसका प्रतिवाद कीजिए

‘धुरंधर’ फिल्म की आलोचना पर परेश रावल ने कहा: यदि यह प्रचार फिल्म है, तो इसका प्रतिवाद कीजिए
Modified Date: April 6, 2026 / 10:11 pm IST
Published Date: April 6, 2026 10:11 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) वरिष्ठ अभिनेता परेश रावल का कहना है कि जो लोग मानते हैं कि ‘धुरंधर’ एक प्रचार फिल्म है, वे कहानी का प्रतिवाद करने या सत्ता-विरोधी फिल्म बनाने के लिए आदित्य धर जैसा निर्देशक ढूढने का स्वतंत्र हैं।

दो भागों वाली इस जासूसी ड्रामा फिल्म के बड़े प्रशंसक रावल ने बताया कि उन्होंने इसका पहला भाग सिनेमाघरों में दो बार देखा था और इस सप्ताहांत में दूसरा भाग भी देखने की योजना बना रहे हैं।

अभिनेता ने कहा कि फिल्म ने दर्शकों की सोच बदल दी है, लेकिन वह उन लोगों से खुश नहीं हैं जो फिल्म को प्रचार बताकर खारिज कर रहे हैं।

रावल ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा,“अगर आप किसी को खारिज करना चाहते हैं, तो आप कहते हैं कि यह प्रचार है। अगर सरकार विरोधी फिल्म बन सकती है, तो सरकार समर्थक फिल्म बनाने में क्या बुराई है? इसमें कुछ भी गलत नहीं है। अगर आप सरकार के खिलाफ फिल्म बनाते हैं, तो यह ठीक है। अगर सरकार ने अच्छा काम किया है, तो सरकार समर्थक फिल्म क्यों नहीं बननी चाहिए?’’

उन्होंने कहा, “अगर आपको लगता है कि यह प्रचार है, तो आपको इसका प्रतिवाद करना चाहिए। आपको अदालत जाना चाहिए, जनहित याचिका दायर करनी चाहिए, जैसा कि आप अक्सर करते रहते हैं। या अगर आपको लगता है कि यह प्रचार है तो फिर आप कोई और आदित्य धर को ढूंढ सकते हैं और उसके खिलाफ फिल्म बना सकते हैं, ।”

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब फिल्म उद्योग फिल्मों के फ्लॉप होने और दर्शकों के सिनेमाघरों में न आने को लेकर चिंतित है, उन्हें ‘धुरंधर’ जैसी फिल्म का समर्थन करना चाहिए, न कि उसे खारिज कर देना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब आप कहते हैं कि कोई सिनेमाघरों में नहीं आ रहा है, फिल्में नहीं चल रही हैं और हिंदी फिल्मों का भविष्य बहुत अंधकारमय है, ऐसे में ‘धुरंधर’ जैसी फिल्म के आने पर आप उसका समर्थन करने के बजाय उसे नकारने की कोशिश कर रहे हैं?’’

रावल ने कहा, ‘‘पहली बार मुझे लगा कि मुझे (फिल्म में) होना चाहिए था, धुरंधर की वजह से नहीं, बल्कि इसकी कहानी की वजह से। कहानी इतनी विशाल है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक गाथा है।’’

धर की फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ में रावल ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल से प्रेरित एक किरदार निभाया था।

‘धुरंधर’ में यह किरदार आर माधवन ने निभाया है। रावल ने बताया कि उन्होंने धर से इस बारे में बात की थी कि वह और माधवन एक ही किरदार को अलग-अलग तरीके से निभाएंगे।

भाषा

राजकुमार माधव

माधव


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