Parliament Monsoon Session 2026/Image Credit: AI
Parliament Monsoon Session 2026: नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इस बार और भी हंगामा मचने वाला है। विपक्ष पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने पर जोर देगी।
सरकार इस मानसून सत्र में कुल 7 विधेयक पेश करेगी। इनमें सबसे पहले लोकसभा में ‘सुप्रीम कोर्ट (संशोधन) विधेयक’ पेश किया जाएगा। इस विधेयक का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाना है, ताकि लंबित मामलों के तेजी से निपटारे में मदद मिल सके। (Parliament Monsoon Session 2026) वहीं, राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ‘वंदेमातरम’ से जुड़ा एक विधेयक पेश करेंगे। इस प्रस्तावित विधेयक पर भी सदन में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
Parliament Monsoon Session 2026: वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने रविवार को मांग की कि सरकार संसद के मानसून सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चा कराए। पार्टी ने कहा कि इन मुद्दों में परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं, महिला आरक्षण कानून का क्रियान्वयन, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया और जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करना शामिल है। संसद का मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में भाकपा नेता पी. संदोश कुमार ने यह मांग उठाई।
बैठक के बाद जारी एक बयान में कुमार ने कहा कि संसद को केवल ‘‘विधायी औपचारिकता’’ बनकर नहीं रह जाना चाहिए, बल्कि संसद में जनमहत्व के मुद्दों पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए। भाकपा द्वारा उठाये गये प्रमुख मुद्दों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल है। (Parliament Monsoon Session 2026) वामपंथी दल ने कहा कि परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है और देश की परीक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा कमजोर कर दिया है।
Parliament Monsoon Session 2026: भाकपा ने महिला आरक्षण कानून के क्रियान्वयन, दलबदल की बढ़ती प्रवृत्ति, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने की खबरों, महंगाई, सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल किये जाने समेत विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा कराए जाने की मांग की। पार्टी ने भारत की विदेश नीति पर भी चर्चा की मांग करते हुए कहा कि तेजी से बदल रहे वैश्विक परिदृश्य के बीच देश को अपनी स्वतंत्र विदेश नीति की परंपरा को बनाए रखना चाहिए।
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