नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ कराने के प्रावधान वाले विधेयकों पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति व्यापक परामर्श और आम सहमति के लिए सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करने की तैयारी में है।
समिति के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद पी पी चौधरी ने बुधवार को कहा कि एकसाथ चुनाव से भारत के सात लाख करोड़ रुपये के संसाधनों को बचाने में मदद मिलेगी और यह देश के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।
समिति की बैठक के बाद उन्होंने कहा, ‘सदस्यों का मानना है कि समिति को व्यापक परामर्श और आम सहमति के लिए प्रत्येक राज्य का दौरा करना चाहिए। चूंकि हम साल में पांच से छह राज्यों का दौरा कर सकते हैं, इसलिए यह प्रक्रिया कुछ समय तक जारी रहेगी।’
चौधरी ने कहा कि यह देश के लिए एक बड़ा सुधार होगा क्योंकि इससे सभी चुनावों के लिए एक मतदाता सूची सुनिश्चित होगी और सरकार भी बेहतर कामकाज करेगी।
उन्होंने कहा कि अधिकतर राज्यों के चुनाव अलग-अलग समय पर होते हैं, इसलिए शासन को नुकसान होता है, छात्रों का शैक्षणिक समय प्रभावित होता है और अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होता है।
उन्होंने कहा, ‘एक साथ चुनाव होने पर ये सभी समस्याएं हल हो जाएंगी।’
लोकसभा में दिसंबर 2024 में संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पेश किया गया था। इसके बाद इन पर विचार के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन किया गया था।
अपने गठन के बाद से जेपीसी ने संवैधानिक विशेषज्ञों, अर्थशास्त्रियों और कानून आयोग के अध्यक्ष सहित अन्य लोगों के साथ बैठकें की हैं।
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