संसदीय समिति ने न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की सिफारिश की, उम्मीद है सरकार जागेगी: कांग्रेस

संसदीय समिति ने न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की सिफारिश की, उम्मीद है सरकार जागेगी: कांग्रेस

संसदीय समिति ने न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की सिफारिश की, उम्मीद है सरकार जागेगी: कांग्रेस
Modified Date: March 18, 2026 / 02:40 pm IST
Published Date: March 18, 2026 2:40 pm IST

नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस), 1995 के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने संबंधी संसदीय समिति की अनुशंसा का हवाला देते हुए बुधवार को उम्मीद जतायी कि समिति की रिपोर्ट के बाद सरकार जागेगी और ठोस कदम उठाएगी।

भाजपा सांसद वसव राज बोम्मई की अध्यक्षता वाली श्रम, वस्त्र और कौशल विकास संबंधी स्थायी समिति ने ईपीएस, 1995 के तहत न्यूनतम पेंशन की तत्काल समीक्षा और वृद्धि की सिफारिश की है, जो वर्तमान में केवल 1,000 रुपये प्रति माह है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मोदी सरकार के पिछले लगभग 12 साल के कार्यकाल में सामाजिक सुरक्षा की कई योजनाएं धीरे-धीरे कमजोर होती चली गई हैं या उन्हें जानबूझकर कमजोर कर दिया गया है। पेंशन जैसी बुनियादी सुविधा भी लंबे समय से बढ़ती महंगाई के बावजूद लगभग जस की तस बनी हुई है। इसका सीधा असर बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर पेंशनभोगियों पर पड़ा है, जो समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग माने जाते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा दौर में जब सरकार की खराब नीतियों की वजह से महंगाई चरम पर है, स्वास्थ्य खर्च और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम बेतहाशा बढ़ चुके हैं, ऐसे में 1000 रुपये की न्यूनतम ईपीएफ पेंशन एक तरह से मजाक ही है।’’

रमेश ने कहा, ‘‘संसद की स्थायी समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि 1995 की पेंशन योजना के तहत मिलने वाली 1000 रुपये की मासिक पेंशन आज के समय में पूरी तरह अपर्याप्त है। समिति ने सुझाव दिया है कि न्यूनतम पेंशन को जीवन-यापन के अनुरूप और सम्मानजनक स्तर तक बढ़ाया जाए।’’

उनका कहना था कि यह लाखों सेवानिवृत्त कामगारों की सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन से जुड़ा मुद्दा है।

उन्होंने उम्मीद जतायी कि भाजपा सांसद की अध्यक्षता वाली श्रम, वस्त्र एवं कौशल विकास स्थायी समिति की इस रिपोर्ट के बाद सरकार जागेगी और इस बारे में ठोस कदम उठाएगी।

भाषा हक

हक नरेश

नरेश


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