कोलकाता, 23 मार्च (भाषा) कोलकाता में सरकारी आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में गंभीर हालत के बावजूद व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं होने के कारण पैदल चलकर शौचालय जाने के लिए मजबूर किए जाने से एक मरीज की मौत हो गई। मरीज के परिजन ने यह आरोप लगाया।
परिवार के अनुसार, निमटा निवासी विश्वजीत सामंता को सोमवार तड़के सांस लेने में तकलीफ और नाक से खून बहने की शिकायत के बाद अस्पताल के ट्रॉमा केयर यूनिट में लाया गया था।
रिश्तेदारों ने बताया कि चिकित्सकों ने शुरुआती इलाज किया और उन्हें भर्ती करने के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार करने को कहा। इस बीच सामंता को शौचालय जाना था।
परिजन के अनुसार, उन्हें सलाह दी गई कि वे उन्हें ट्रॉमा केयर सुविधा के बाहर स्थित एक ऐसे शौचालय में ले जाएं जहां भुगतान करके शौचालय का उपयोग किया जा सकता है।
उनके बेटे ने आरोप लगाया कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद कोई ट्रॉली या व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई गई और मरीज को अपनी गंभीर स्थिति के बावजूद चलने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने दावा किया कि सामंता को भुगतान वाले शौचालय परिसर की पहली मंजिल पर ले जाया गया जहां पहुंचने से पहले ही वह अचानक गिर पड़े। उन्हें तुरंत आपातकाल विभाग ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजन ने आरोप लगाया कि ट्रॉमा केयर सुविधा में तीन शौचालय थे – एक मरीजों के लिए और दो कर्मचारियों के लिए। हालांकि, नवीनीकरण कार्य के कारण मरीजों का शौचालय बंद था जिससे उस समय मरीज के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
पुलिस ने बताया कि अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एवं उप प्राचार्य (एमएसवीपी) सप्तर्षि चटर्जी ने कहा कि वर्तमान में आपातकाल क्षेत्र में मरीजों के लिए केवल एक ही शौचालय है, जिसका नवीनीकरण किया जा रहा है।
इसी बीच, तृणमूल कांग्रेस के विधायक और अस्पताल की रोगी कल्याण समिति के सदस्य अतीन घोष ने एक गंभीर मरीज के इलाज में हुई ‘‘गंभीर चूक’’ की आलोचना की।
घोष ने कहा कि गंभीर रूप से बीमार मरीज को शौचालय की तलाश में ट्रॉमा केयर सेंटर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि यदि मरम्मत कार्य के कारण सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध नहीं थे, तो मरीज को डॉक्टरों और नर्सों के लिए आरक्षित शौचालयों का उपयोग करने की अनुमति दी जानी चाहिए थी।
आर. जी. कार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 20 मार्च को एक लिफ्ट के अंदर फंसकर 40 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस घटना के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
भाषा यासिर नरेश
नरेश