अपने पिता के नाम पर गठित ट्रस्ट को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे पटनायक

अपने पिता के नाम पर गठित ट्रस्ट को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे पटनायक

अपने पिता के नाम पर गठित ट्रस्ट को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे पटनायक
Modified Date: March 18, 2026 / 08:31 pm IST
Published Date: March 18, 2026 8:31 pm IST

भुवनेश्वर, 18 मार्च (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष नवीन पटनायक ने बुधवार को कहा कि उन्होंने पिछले साल मुंबई में गर्दन की बड़ी सर्जरी कराने से पहले अपने पिता बीजू पटनायक के नाम पर एक धर्मार्थ ट्रस्ट की स्थापना की पहल की थी।

पटनायक ने यहां पत्रकारों को बताया कि ‘बीजू नवीन इंस्पिरेशनल फाउंडेशन’ नामक धर्मार्थ ट्रस्ट से ओडिशा के लोगों को लाभ होगा।

बीजद अध्यक्ष का यह बयान कुछ राजनेताओं द्वारा ट्रस्ट के कामकाज पर संदेह जताए जाने के बाद आया है।

राज्य में एक प्रतिष्ठित व्यक्ति माने जाने वाले बीजू पटनायक के सबसे छोटे बेटे पटनायक नकारात्मक प्रचार के बीच ट्रस्ट के बारे में स्पष्टीकरण देते भावुक हो गए।

पटनाटक ने कहा, ‘बीजू बाबू अपने परोपकारी कार्यों के लिए जाने जाते हैं। महज 30 वर्ष की आयु में उन्होंने विज्ञान के प्रचार-प्रसार के लिए पेरिस में कलिंग यूनेस्को पुरस्कार दान कर दिया था और अपने जीवनकाल में उन्होंने कई अन्य अच्छे कार्य भी किए।’

उन्होंने पटनायक परिवार के पूर्व में कटक स्थित पैतृक घर ‘आनंद भवन’ को ओडिशा के लोगों को दान करने के एक कदम का भी जिक्र किया, जो परिवार की परोपकारी विरासत और सार्वजनिक सेवा को रेखांकित करता है।

पटनायक ने कहा, ‘जब मेरी गर्दन की गंभीर सर्जरी के लिए मुंबई जाने की उम्मीद थी, तो मैं पहले दिल्ली गया और ट्रस्ट के गठन के संबंध में कई वकीलों और चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह ली।’

मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में 22 जून, 2025 को पटनायक की सर्वाइकल आर्थराइटिस की सफल रीढ़ की सर्जरी हुई।

विशेषज्ञों से परामर्श के बाद पटनायक ने कहा, ‘मैंने गर्दन की गंभीर सर्जरी से पहले एक ट्रस्ट खोलने का फैसला किया। मैंने बीजू बाबू के नाम पर ट्रस्ट खोलने का भी फैसला किया, जो ओडिशा के लोगों के हित के लिए था। इसकी शुरुआत मैंने अपने निजी संसाधनों से एक लाख रुपये के दान से की।’

उन्होंने कहा कि बीजद पार्टी या पार्टी के किसी भी कोष से ट्रस्ट को कोई पैसा नहीं दिया जाएगा।

पटनायक ने कहा, ‘कई नकारात्मक खबरें सामने आ रही हैं, इसलिए मैं मीडिया के लिए इन बिंदुओं को स्पष्ट करना चाहता था।’

बुधवार को सत्तारूढ़ भाजपा के विधायकों ने भी विधानसभा में यह मामला उठाया और आरोप लगाया कि यह ट्रस्ट दिल्ली में खोला गया है, जिससे ओडिशा के लोगों को किसी भी तरह से लाभ नहीं होगा।

भाषा तान्या रंजन

रंजन


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