पवार, केजरीवाल और अन्य विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर कॉजपा के प्रदर्शन का समर्थन किया
पवार, केजरीवाल और अन्य विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर कॉजपा के प्रदर्शन का समर्थन किया
नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के अध्यक्ष शरद पवार और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत विपक्षी दलों के कई नेता मंगलवार को यहां जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी आंदोलन को समर्थन दिया।
यह दौरा पुलिस द्वारा सोमवार को कॉजपा के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के एक दिन बाद हुआ।
पवार ने अपनी पुत्री और पार्टी सांसद सुप्रिया सुले के साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर घायल प्रदर्शनकारियों और आंदोलन से जुड़े लोगों से मुलाकात की तथा सोमवार को संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई की निंदा की।
प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने वाले अन्य नेताओं में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत और अरविंद सावंत, राज्यसभा सदस्य महुआ माजी, आप नेता गोपाल राय, केरल कांग्रेस (एम) के नेता जोस के मणि और वाम दलों के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल शामिल था।
कॉजपा की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, पवार ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे छात्रों की आवाज को बल प्रयोग के जरिए दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने आश्वासन दिया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) संसद के भीतर और बाहर आंदोलन का समर्थन जारी रखेगी।
पवार ने कहा, ‘‘राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। हम संसद में इन मुद्दों को उठाएंगे और न्याय मिलने तथा जवाबदेही तय होने तक इस आंदोलन का समर्थन करते रहेंगे।’’
इससे पहले दिन में केजरीवाल ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल का दौरा कर सोमवार को पुलिस कार्रवाई में घायल हुए छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि घायल प्रदर्शनकारियों में शामिल एक युवती अब भी गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती है।
केजरीवाल ने कहा, ‘‘मैं प्रार्थना करता हूं कि लड़की जल्द स्वस्थ हो और अपने घर लौट सके। मैं उसके माता-पिता से संपर्क करने की कोशिश कर रहा हूं।’’
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री बाद में जंतर-मंतर पहुंचे और पुलिस कार्रवाई में घायल होने के बावजूद प्रदर्शन स्थल पर लौटे प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।
राउत और सावंत ने भी प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और आंदोलन को समर्थन दिया।
राउत ने कहा, ‘‘जंतर-मंतर पर जो मशाल जली है, उसे बुझाया नहीं जा सकेगा। जरूरत पड़ी तो हम भी भूख हड़ताल में शामिल होंगे।’’
अलग से, वाम दलों के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदर्शन स्थल का दौरा किया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर संसद में बयान देने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में माकपा के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास, ए ए रहीम और वी शिवदासन, भाकपा के राज्यसभा सदस्य पी संदोश कुमार, माकपा के लोकसभा सदस्य अमरा राम और एस वी वेंकटेशन तथा केरल कांग्रेस (एम) के नेता मणि शामिल थे।
राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने कहा कि कि संसद की ओर मार्च के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों की सूची सार्वजनिक की जाए।
उन्होंने आशंका जताई कि छात्रों को प्राथमिकी में आरोपी बनाया जा सकता है और आरोप लगाया कि 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान भी ऐसा हुआ था।
सिब्बल ने कहा कि देश के हर शहर में बच्चों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठानी चाहिए, ताकि सरकारें उनकी बात सुनें।
भाषा हक हक दिलीप
दिलीप

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