चेन्नई, 22 मार्च (भाषा) दक्षिण रेलवे ने रविवार को चलती ट्रेन पर पथराव की हालिया घटनाओं के मद्देनजर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आपात सार्वजनिक अपील जारी की।
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि इस तरह की गैरकानूनी हरकतें गंभीर सुरक्षा खतरा पैदा करती हैं, क्योंकि चलती ट्रेन पर फेंके गए पत्थर खिड़कियों के शीशे तोड़ सकते हैं और यात्रियों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को गंभीर चोट पहुंचा सकते हैं।
चेन्नई मंडल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पथराव रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत दंडनीय अपराध है। अधिनियम की धारा 152 के तहत ट्रेन पर पत्थर या अन्य वस्तु फेंकने पर 10 साल तक की सजा या आजीवन कारावास हो सकता है, जबकि धारा 154 के तहत यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्यों पर कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।
इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने चेन्नई मंडल के संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। सीसीटीवी और अन्य निगरानी प्रणालियों को भी मजबूत किया गया है, ताकि आरोपियों की पहचान करके कार्रवाई की जा सके।
रेलवे ने आम लोगों से सतर्क रहने और रेलवे पटरी के पास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने का आग्रह किया है।
भाषा राखी संतोष
संतोष