Middle East tensions New/Image Credit: IBC24.IN
Middle East tensions News: नई दिल्ली: ईरान और इजरायल के बीच तनाव जारी है। इसी बीच ईरानी मीडिया ने बड़ा दावा किया है ,ईरानी मीडिया की तरफ से दावा किया गया है कि, F-15 फाइटर जेट को होर्मुज आइलैंड के पास मार गिराया गया है। अब सामने आई जानकारी के अनुसार, यह जेट दुश्मन का था और दक्षिणी इलाके के ऊपर उड़ रहा था। (Iran F-15 claim) ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम ने जमीन से मिसाइल दागकर इसे निशाना बनाया। सरकारी चैनल प्रेस टीवी ने भी इस घटना की बात कही है और एक वीडियो दिखाया है, जिसमें जेट गिरता नजर आ रहा है।
वहीं इजरायल और अमेरिका दोनों ही देशों की तरफ से ईरान के इस दावे की पुष्टि नहीं की है। (Middle East tensions New) ईरान के साथ चल रहे युद्ध में अमेरिका और इजराइल को भारी नुकसान हुआ है. सिर्फ 21 दिनों में दोनों देशों के 28 से ज्यादा विमान और कई महंगे सैन्य सिस्टम प्रभावित हुए हैं। ईरान ने दावा किया है कि उसने कम से कम 17 एयरक्राफ्ट को मार गिराया या नुकसान पहुंचाया।
#BREAKING
An enemy’s F-15 fighter jet was shot down by Iranian air defense systems near Hormuz Island after being intercepted over the country’s southern coast. pic.twitter.com/jmrFuUQKbd— Tehran Times (@TehranTimes79) March 22, 2026
Middle East tensions News: ईरान के साथ जारी जंग में अमेरिका को अब तक 16 एयरक्राफ्ट का नुकसान हुआ है, जिनमें 12 MQ-9 रीपर ड्रोन शामिल हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार, एक ड्रोन की कितम लगभग 56.5 मिलियन डॉलर होती है, यानी सिर्फ ड्रोन में ही 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ। (Iran F-15 claim) इसके अलावा अमेरिका के 3 F-15 स्ट्राइक ईगल कुवैत में गलती से अपनी ही फायरिंग में नष्ट हो गए। 12 मार्च को इराक के ऊपर एक KC-135 फ्यूल टैंकर विमान क्रैश हो गया, जिसमें सवार 6 लोगों की मौत हो गई और एक अन्य KC-135 भी उसी घटना में क्षतिग्रस्त हुआ।
इसके पहले ईरान ने 19 मार्च को F-35 स्टील्थ फाइटर को भी निशाना बनाने का दावा किया है। अमेरिकी सेना ने एक बयान में कहा कि, विमान को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, लेकिन कारण साफ नहीं बताया। अगर यह दावा सही है, तो यह पहली बार होगा जब इतने आधुनिक जेट को इस तरह निशाना बनाया गया। (Middle East tensions New) इजराइल के भी एक दर्जन से ज्यादा ड्रोन ईरान के इलाके में नष्ट हुए हैं. इस तरह कुल मिलाकर दोनों देशों के 28 एयरक्राफ्ट प्रभावित हुए हैं।
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