कोलकाता, 12 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि लोगों को अपने खान-पान और धार्मिक प्रथाओं को चुनने की संवैधानिक स्वतंत्रता है।
उन्होंने यह बात दुर्गा पूजा के दौरान बंगालियों के मांसाहारी भोजन करने को लेकर कथित टिप्पणी के लिए ‘बागेश्वर बाबा’ के नाम से लोकप्रिय धर्मगुरु धीरेंद्र शास्त्री के बयान के संदर्भ में कही।
एक निजी समाचार चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि लोग अपनी पसंद की धार्मिक प्रथाओं का पालन करने के लिए स्वतंत्र हैं और ऐसे व्यक्तिगत फैसलों के लिए किसी को भी अपशब्दों का सामना नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु अपने विचार व्यक्त करते हैं। यह लोगों को तय करना है कि वे उन्हें स्वीकार करना चाहते हैं या नहीं। बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा लिखे गए हमारे महान संविधान ने आपको यह स्वतंत्रता दी है।’’
अपने खान-पान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बृहस्पतिवार को कौशिकी अमावस्या के अवसर पर यहां कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद प्रसाद के रूप में मछली और बासंती पुलाव का सेवन किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह 19 सितंबर को राधा अष्टमी के अवसर पर बागबाजार गौड़ीय मठ जाएंगे, जहां वह ‘सात्विक’ (पूरी तरह शाकाहारी) भोजन ग्रहण करेंगे।
भाषा शफीक देवेंद्र
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