वंदे मातरम् का अपमान करने वालों की सोच बदल देगी भारत की जनता: भाजपा अध्यक्ष

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वंदे मातरम् का अपमान करने वालों की सोच बदल देगी भारत की जनता: भाजपा अध्यक्ष

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  • Publish Date - August 24, 2026 / 02:46 PM IST,
    Updated On - August 24, 2026 / 02:46 PM IST

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को विपक्षी दलों पर ‘‘बांटने की सोच’’ के साथ काम करने और वंदे मातरम् का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि भारत के लोग उनकी सोच बदल देंगे।

यहां तालकटोरा स्टेडियम में संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती के मौके पर ‘समरसता संकल्प दिवस’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि भारत की संस्कृति और विरासत को सालों से चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, लेकिन उनकी जड़ें इतनी मजबूत हैं कि वे उनका सामना कर सकती हैं।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘लोगों ने इस देश पर सैकड़ों साल तक शासन किया, लेकिन वे हमारी संस्कृति की नींव को उखाड़ने में नाकाम रहे। आज भी कुछ लोग समाज में बांटने की सोच के साथ काम करते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वंदे मातरम्, जिसने भारत के स्वतंत्रता संघर्ष की नींव रखी और हमारे शहीदों तथा आजादी के दीवानों के लिए देशभक्ति का गीत बन गया, उसका आज भी इस देश में कुछ लोगों द्वारा अपमान किया जाता है।’’

नवीन ने कहा, ‘‘लेकिन मैं उनसे कहता हूं: इस देश की मिट्टी में इतनी ताकत है कि अगर लोदी और सिकंदर जैसे लोगों की सोच बदली जा सकती थी, तो आने वाले समय में भारत की मिट्टी की ताकत उन लोगों की सोच भी बदल देगी जिन्होंने वंदे मातरम् का अपमान किया है। भारत के लोग उनकी सोच बदल देंगे।’’

पिछली कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधते हुए नवीन ने कहा कि देश के संसाधनों को धार्मिक और सामाजिक आधार पर बांटने की कोशिशें की गईं।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमारे नेता ने कहा कि देश के संसाधनों पर पहला हक गरीबों का है, जिनकी दुआओं से यह सरकार सत्ता में आई।’’

नवीन ने कहा कि सरकारी योजनाएं समाज के आखिरी व्यक्ति को ध्यान में रखकर और जाति, समुदाय या पहचान के आधार पर बिना किसी भेदभाव के बनाई जाती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री कहते हैं कि विकास योजनाएं समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। जब उन्होंने लोकतंत्र के पवित्र मंदिर संसद में सिर झुकाकर प्रवेश किया, तो अपने पहले ही भाषण में कहा कि उनकी सरकार गरीबों के लिए होगी और गरीबों को समर्पित होगी।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा ने संत रविदास के सामाजिक समरसता के विचारों पर आधारित ‘समरसता संकल्प अभियान’ शुरू किया है।

नवीन ने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब समाज में गहरी सामाजिक असमानताएं और कई सामाजिक बुराइयां थीं, उनके विचारों और प्रयासों ने इन कुरीतियों पर कड़ा प्रहार किया और देश भर में सामाजिक समरसता की नींव रखी।’’

उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी आक्रमणों और धर्म परिवर्तन की कोशिशों के दौर में रविदास के विचारों और संघर्ष ने भारतीय समाज और सनातन परंपराओं की रक्षा करने में मदद की।

उन्होंने कहा, ‘‘जब विदेशी आक्रमण हुए और लोगों को धर्म परिवर्तन की ओर ले जाने की बड़े पैमाने पर कोशिशें की जा रही थीं, तब रविदास के विचारों और उनके संघर्ष ने भारतीय समाज और उसकी सनातन परंपराओं की रक्षा करने में भी भूमिका निभाई।’’

इस कार्यक्रम में शामिल हुईं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वाराणसी से लाई गई पवित्र मिट्टी को राष्ट्रीय राजधानी के हर जिले और बस्ती में ले जाया जाएगा ताकि रविदास की शिक्षाएं लोगों तक पहुंच सकें।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी कोशिश है कि यह पवित्र मिट्टी हर घर और हर बस्ती तक पहुंचे और इस मिट्टी के माध्यम से गुरुदेव की शिक्षाएं और आशीर्वाद हर व्यक्ति तक पहुंचे।’’

गुप्ता ने कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती के साल भर चलने वाले कार्यक्रमों को विभिन्न आयोजनों के माध्यम से हर गली और मोहल्ले तक पहुंचाया जाएगा।

कार्यक्रम में वाराणसी से लाई गई पवित्र मिट्टी के कलश दिल्ली के जिलों के प्रतिनिधियों को बांटे गए। ‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत इन कलशों को अलग-अलग जिलों और बस्तियों में ले जाया जाएगा।

भाषा वैभव नरेश

नरेश